गरियाबंद । छत्तीसगढ़ के गरियाबंद जिले में एक ग्रामीण की पहल ने लोगों का दिल जीत लिया है। जब वर्षों की मांग के बाद भी शासन-प्रशासन की ओर से पुल निर्माण की सुविधा नहीं मिली, तो एक ग्रामीण ने खुद के खर्च से नदी पर पुल बनाकर मिसाल पेश कर दी।
मामला मैनपुर नगर के स्टाप डेम मोहल्ले का है, जहां फुलझर नदी के उस पार ग्राम पंचायत मैनपुरकला के वार्ड क्रमांक-01 में करीब 30 से 35 परिवार रहते हैं। बारिश के चार महीनों में यहां के लोगों को लंबे समय से परेशानियों का सामना करना पड़ रहा था। जर्जर हो चुके करीब 20 फीट गहरे स्टाप डेम को पार कर लोग अपनी जान जोखिम में डालकर आवाजाही करते थे।
सबसे ज्यादा परेशानी स्कूली बच्चों, बीमार लोगों और गर्भवती महिलाओं को अस्पताल पहुंचाने में होती थी। ग्रामीणों ने पुल निर्माण को लेकर कई बार जनपद पंचायत और कलेक्टर कार्यालय तक आवेदन दिए, लेकिन समस्या का समाधान नहीं हो सका।
इसके बाद स्टाप डेम मोहल्ले के रहने वाले मुर्गा व्यवसायी **लोचन चक्रधारी** ने खुद आगे बढ़कर करीब 10 से 12 लाख रुपये की लागत से मैनपुर नदी पर पुल निर्माण शुरू कर दिया। उन्होंने इसके लिए दुकानदारों से कर्ज लेकर राशि जुटाई है।
लोचन चक्रधारी ने बताया कि मोहल्ले के लोगों की परेशानी और बच्चों की सुरक्षा को देखते हुए उन्होंने यह कदम उठाया। पुल का निर्माण अंतिम चरण में है और एप्रोच मार्ग का काम बाकी है। बारिश के मौसम में अब लोगों को इसका लाभ मिलने की उम्मीद है।
ग्रामीणों का कहना है कि पुल निर्माण के दौरान तकनीकी सुझाव के लिए जनपद अधिकारियों से संपर्क किया गया, लेकिन कोई अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचा। इसके बावजूद लोचन चक्रधारी ने हिम्मत नहीं छोड़ी और अपने प्रयास से लोगों की वर्षों पुरानी समस्या दूर करने की कोशिश की।
ग्रामीणों और क्षेत्रवासियों ने इस पहल की जमकर सराहना की है। लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि ऐसे प्रयास करने वाले ग्रामीण को सम्मानित किया जाए और पुल के अधूरे कार्य को पूरा कराने में सहयोग किया जाए।