महिला अधिकारी पर बैठक में भड़के IAS राजीव रंजन, अपशब्द कहने का वीडियो वायरल; विवाद बढ़ने पर जताया अफसोस

जम्मू-कश्मीर । जम्मू-कश्मीर में IAS अधिकारी राजीव रंजन का एक वीडियो सामने आने के बाद विवाद खड़ा हो गया है। वीडियो में वह एक समीक्षा बैठक के दौरान महिला अधिकारी बीनिश वानी पर चिल्लाते और कथित तौर पर अपशब्दों का इस्तेमाल करते नजर आ रहे हैं। घटना का वीडियो वायरल होने के बाद प्रशासनिक हलकों और राजनीतिक गलियारों में इसकी आलोचना हो रही है। वहीं, विवाद बढ़ने पर राजीव रंजन ने गुस्से में कुछ गलत कहने की स्थिति में अफसोस जताया है।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, यह घटना 15 अक्टूबर को मिशन YUVA की समीक्षा बैठक के दौरान हुई। बैठक में जम्मू-कश्मीर के श्रम एवं रोजगार विभाग के प्रशासनिक सचिव राजीव रंजन विभिन्न कार्यों की प्रगति की समीक्षा कर रहे थे। बीनिश वानी गांदरबल स्थित एम्प्लॉयमेंट एंड काउंसलिंग सेंटर में सहायक निदेशक के पद पर कार्यरत हैं। उन्होंने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से बैठक में हिस्सा लिया था।

NRLM एजेंसी की भूमिका पर सवाल से शुरू हुआ विवाद

बैठक के दौरान मिशन YUVA के तहत निर्धारित लक्ष्यों और उनकी प्रगति पर चर्चा हो रही थी। इसी दौरान राजीव रंजन ने बीनिश वानी के कार्यालय को सौंपे गए कार्यों में राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (NRLM) एजेंसी की भूमिका पर सवाल उठाया।

बीनिश वानी अपने कार्यालय की उपलब्धियों और संबंधित कार्यों की जानकारी दे रही थीं। इसी बीच दोनों के बीच बहस शुरू हो गई। सामने आए वीडियो के अनुसार, महिला अधिकारी अपनी बात रखने का प्रयास कर रही थीं, लेकिन राजीव रंजन उन्हें बार-बार रोकते दिखाई दिए।

बहस बढ़ने पर IAS अधिकारी ने कथित तौर पर महिला अधिकारी के लिए अपमानजनक भाषा का इस्तेमाल किया। जब बीनिश वानी ने इस व्यवहार पर आपत्ति जताई, तो राजीव रंजन ने कहा, “मैं तुम्हारा बॉस हूं, तुमसे ऐसे ही बात करूंगा।”

वीडियो में इसके बाद भी दोनों के बीच तीखी नोकझोंक दिखाई देती है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, राजीव रंजन ने अधिकारियों को बीनिश वानी का निलंबन पत्र जारी करने का निर्देश भी दिया। इस पर महिला अधिकारी ने विरोध जताते हुए कहा कि जो उचित समझें, वह करें।

JKAS एसोसिएशन और नेताओं ने जताई नाराजगी

वीडियो सामने आने के बाद जम्मू-कश्मीर प्रशासनिक सेवा (JKAS) से जुड़े अधिकारियों और राजनीतिक नेताओं ने घटना की आलोचना की है। मामले में निष्पक्ष जांच और जवाबदेही सुनिश्चित करने की मांग उठ रही है।

पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (PDP) की नेता इल्तिजा मुफ्ती ने भी इस घटना पर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने सोशल मीडिया मंच X पर पोस्ट के जरिए महिला अधिकारी के साथ कथित दुर्व्यवहार की निंदा की और जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा से राजीव रंजन को तत्काल निलंबित करने की मांग की।

इल्तिजा मुफ्ती ने अपने बयान में अधिकारियों के व्यवहार में जवाबदेही और सम्मान बनाए रखने पर जोर दिया।

विवाद बढ़ने पर IAS अधिकारी ने जताया अफसोस

घटना का वीडियो सार्वजनिक होने और आलोचना बढ़ने के बाद राजीव रंजन की प्रतिक्रिया भी सामने आई। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, उन्होंने कहा कि यदि उन्होंने गुस्से में कुछ गलत कहा है, तो उन्हें इसका अफसोस है।

हालांकि, उन्होंने अपनी सफाई में यह भी दावा किया कि वह महिला अधिकारी से बार-बार चुप रहने के लिए कह रहे थे और वह उन्हें उकसाती रहीं।

प्रशासनिक कार्यसंस्कृति पर उठे सवाल

इस घटना ने सरकारी बैठकों में वरिष्ठ अधिकारियों के व्यवहार, कार्यस्थल पर सम्मान और प्रशासनिक जवाबदेही को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। मामले में राजनीतिक प्रतिक्रियाओं के साथ निष्पक्ष जांच की मांग भी तेज हुई है।

फिलहाल, उपलब्ध मीडिया रिपोर्ट्स के आधार पर विवाद का केंद्र समीक्षा बैठक के दौरान हुई बहस और कथित अपमानजनक भाषा है। मामले में किसी आधिकारिक जांच के निष्कर्ष या अनुशासनात्मक कार्रवाई की पुष्टि उपलब्ध जानकारी में नहीं हुई है।

शेयर करें

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *