कोलकाता। तृणमूल कांग्रेस (TMC) नेता अभिषेक बनर्जी के कालीघाट स्थित आवास पर तड़के हुई पुलिस तलाशी को लेकर कलकत्ता हाईकोर्ट ने सख्त रुख अपनाया है। अदालत ने पुलिस से पूछा है कि आखिर रात के समय इतनी देर से कार्रवाई करने की क्या जरूरत थी।
सोमवार को हुई सुनवाई के दौरान न्यायमूर्ति सौगत भट्टाचार्य की पीठ ने कोलकाता पुलिस को निर्देश दिया कि वह इस पूरी कार्रवाई से जुड़ी परिस्थितियों पर विस्तृत रिपोर्ट पेश करे। साथ ही कोर्ट ने 13 जून के सीसीटीवी फुटेज और तलाशी अभियान की ऑडियो-वीडियो रिकॉर्डिंग सुरक्षित रखने का आदेश भी दिया है।
TMC की ओर से दायर याचिका में आरोप लगाया गया कि पुलिस ने बिना वारंट और बिना ठोस आधार के अभिषेक बनर्जी के 121 कालीघाट रोड स्थित आवास पर कार्रवाई की। पार्टी ने इसे पुलिस शक्ति का दुरुपयोग बताया है।
सुनवाई के दौरान कोर्ट ने यह भी पूछा कि आधी रात के बाद तलाशी अभियान चलाने की आवश्यकता क्यों पड़ी। वहीं, TMC की ओर से दलील दी गई कि जिस FIR के आधार पर कार्रवाई हुई, उसमें अभिषेक बनर्जी का नाम शामिल नहीं था।
पार्टी ने आरोप लगाया कि पुलिस ने इस मामले में आपदा प्रबंधन टीम को भी सुबह करीब 5 बजे बुलाया और ताला तोड़ने की कोशिश की गई। इसे लेकर TMC ने अदालत में आपत्ति जताई है।
बताया जा रहा है कि यह कार्रवाई सालबोनी में सरकारी जमीन बिक्री मामले से जुड़े एक केस में अभिषेक बनर्जी के निजी सहायक (PA) सुमित रॉय की तलाश के दौरान की गई थी। अदालत ने पुलिस को चार सप्ताह के भीतर जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया है।