रायपुर| इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय में आयोजित 11वें दीक्षांत समारोह में राज्यपाल रमेन डेका और मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कृषि क्षेत्र में आधुनिक तकनीक, वैल्यू एडिशन और नवाचार आधारित उत्पादन पर विशेष जोर दिया। समारोह में कृषि मंत्री रामविचार नेताम तथा भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थान के पूर्व निदेशक डॉ. अशोक कुमार सिंह भी मौजूद रहे।
दीक्षांत समारोह में शैक्षणिक वर्ष 2024-25 में उत्तीर्ण विद्यार्थियों को उपाधियां और पदक प्रदान किए गए। कुल 1880 विद्यार्थियों को उपाधि दी गई, जिनमें 128 शोधार्थियों को पीएचडी, 518 विद्यार्थियों को स्नातकोत्तर तथा 1234 विद्यार्थियों को स्नातक उपाधि प्रदान की गई। इसके अलावा मेधावी विद्यार्थियों को 13 स्वर्ण, 7 रजत और 2 कांस्य पदक से सम्मानित किया गया।
राज्यपाल रमेन डेका ने कहा कि छत्तीसगढ़ की लगभग 80 प्रतिशत अर्थव्यवस्था कृषि पर आधारित है और सीमित भूमि में अधिक उत्पादन के लिए वैल्यू एडिशन आधारित खेती को बढ़ावा देना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि आज कृषि विज्ञान, तकनीक, नवाचार और उद्यमिता से संचालित हो रही है तथा ड्रोन, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, उपग्रह मानचित्रण और डिजिटल तकनीक ग्रामीण अर्थव्यवस्था को बदल रहे हैं।
उन्होंने विद्यार्थियों से आधुनिक कृषि तकनीकों को अपनाने और किसानों को उन्नत खेती से जोड़ने का आह्वान किया। राज्यपाल ने कहा कि छत्तीसगढ़ को धान का कटोरा कहा जाता है, लेकिन अब उच्च गुणवत्ता वाले बासमती धान, प्राकृतिक खेती और हाइड्रोपोनिक्स जैसी नई संभावनाओं पर भी ध्यान देना होगा।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि कृषि विश्वविद्यालय द्वारा विकसित नई फसल किस्मों और आधुनिक तकनीकों से किसानों को बड़ा लाभ मिल रहा है। उन्होंने बताया कि प्रदेश सरकार खेती को आधुनिक, लाभकारी और टिकाऊ बनाने के लिए लगातार कार्य कर रही है। धान के साथ दलहन, तिलहन, फल-सब्जी और मोटे अनाजों के उत्पादन को बढ़ावा दिया जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने विद्यार्थियों से ड्रोन, एआई और डिजिटल तकनीकों को खेती से जोड़कर किसानों और वैज्ञानिकों के बीच सेतु बनने का आह्वान किया। वहीं कृषि मंत्री रामविचार नेताम ने कहा कि छत्तीसगढ़ में सुगंधित धान, फल, फूल और मसालों की अपार संभावनाएं हैं और शोध एवं नवाचार के जरिए कृषि क्षेत्र को नई दिशा दी जा सकती है।
समारोह में विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. गिरीश चंदेल ने विश्वविद्यालय की उपलब्धियों और गतिविधियों का प्रतिवेदन प्रस्तुत किया। कार्यक्रम में विधायक अनुज शर्मा, विभिन्न विश्वविद्यालयों के कुलपति, वैज्ञानिक, अधिकारी, विद्यार्थी और अभिभावक बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।