दिल्ली की बसों में जल्द दिखेगा कचरे से बना ईंधन, गडकरी का बड़ा ऐलान

नई दिल्ली। केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने भविष्य की परिवहन व्यवस्था को लेकर बड़ा विजन साझा किया है। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में दिल्ली की बसें नगर निगम के कचरे से तैयार हाइड्रोजन ईंधन से चल सकती हैं। उन्होंने इसे ‘वेस्ट टू वेल्थ’ मॉडल का हिस्सा बताते हुए कहा कि कचरे को समस्या नहीं, बल्कि संसाधन के रूप में देखने की जरूरत है।

गडकरी ने एक कार्यक्रम में कहा कि आधुनिक तकनीक के माध्यम से नगर निगम के ठोस कचरे से हाइड्रोजन, बायो-सीएनजी और अन्य वैकल्पिक ईंधन तैयार किए जा सकते हैं। इससे प्रदूषण कम करने के साथ-साथ स्वच्छ परिवहन को बढ़ावा मिलेगा।

2027 तक कचरे के वैज्ञानिक उपयोग की योजना

केंद्रीय मंत्री ने बताया कि केंद्र सरकार वर्ष 2027 तक देशभर में कचरे के वैज्ञानिक निस्तारण और उसके उपयोग को लेकर व्यापक योजना पर काम कर रही है। इस योजना का उद्देश्य कचरे के ढेर को खत्म करना, पुनर्चक्रण को बढ़ावा देना और उससे ऊर्जा एवं ईंधन का उत्पादन करना है।

उन्होंने कहा कि कचरे को ऊर्जा में बदलना पूरी तरह संभव है और भारत इस दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है।

लैंडफिल साइट के 80 लाख टन कचरे का हुआ उपयोग

गडकरी ने बताया कि दिल्ली में एक्सप्रेसवे निर्माण के दौरान लैंडफिल साइटों से निकाले गए करीब 80 लाख टन कचरे का पहले ही उपयोग किया जा चुका है। अब आगे कचरे का वैज्ञानिक तरीके से पृथक्करण कर बायो-डाइजेस्टर तकनीक के जरिए हाइड्रोजन तैयार करने की योजना है।

उन्होंने विश्वास जताया कि भविष्य में दिल्ली की बसें इसी हाइड्रोजन ईंधन से संचालित हो सकती हैं।

हाइड्रोजन बनेगा स्वच्छ ईंधन का विकल्प

केंद्रीय मंत्री ने कहा कि पानी से भी हाइड्रोजन तैयार की जा सकती है और यह आने वाले वर्षों में जीवाश्म ईंधनों का बेहतर विकल्प बन सकती है। इससे प्रदूषण कम होगा, ऊर्जा के स्वदेशी स्रोत विकसित होंगे और पेट्रोलियम आयात पर निर्भरता घटेगी।

कचरे से आय का भी बढ़ेगा जरिया

गडकरी ने कचरे और अपशिष्ट जल के वैज्ञानिक प्रबंधन से आर्थिक लाभ की संभावनाओं पर भी जोर दिया। उन्होंने बताया कि उनके संसदीय क्षेत्र में ट्रीट किए गए सीवेज पानी की बिक्री से नगर निगम को हर साल करीब 325 करोड़ रुपये की आय हो रही है।

उन्होंने कहा कि सही प्रबंधन से कचरा केवल पर्यावरण संरक्षण का माध्यम नहीं रहेगा, बल्कि नगर निकायों के लिए आय का बड़ा स्रोत भी बन सकता है।

इलेक्ट्रिक वाहनों को भी मिलेगा बढ़ावा

केंद्रीय मंत्री ने कहा कि भारत इलेक्ट्रिक वाहन निर्माण के क्षेत्र में तेजी से आगे बढ़ रहा है। देश में बने इलेक्ट्रिक वाहन अब विदेशी बाजारों तक पहुंच रहे हैं। उन्होंने कहा कि हाइड्रोजन और अन्य स्वच्छ ईंधनों के विस्तार से हरित परिवहन को बढ़ावा मिलेगा और रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे।

शेयर करें

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *