हरेली पर टाटामारी में सजा फूड फेस्टिवल, कायाकिंग और म्यूजियम की सौगात; प्लास्टिक मुक्त पर्यटन की पहल

कोंडागांव । हरेली पर्व के अवसर पर वन विभाग द्वारा केशकाल स्थित इको-पर्यटन केंद्र टाटामारी में फूड फेस्टिवल का आयोजन किया गया। इस आयोजन में स्थानीय जनप्रतिनिधियों, समाजसेवियों, महिला स्व-सहायता समूहों और युवाओं ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की।

फूड फेस्टिवल में महिला स्व-सहायता समूहों द्वारा बस्तर और छत्तीसगढ़ के पारंपरिक व्यंजन तैयार किए गए, जिनका पर्यटकों और अतिथियों ने स्वाद लिया। आयोजन के दौरान टाटामारी को प्लास्टिक मुक्त पर्यटन स्थल बनाने की दिशा में विशेष अभियान की शुरुआत भी की गई।

नगर पंचायत अध्यक्ष श्री बिहारीलाल सोरी ने टाटामारी में म्यूजियम और तालाब में कायाकिंग सुविधा का शुभारंभ किया। कायाकिंग सुविधा शुरू होने से पर्यटकों के लिए टाटामारी में एक नया आकर्षण जुड़ गया है।

प्लास्टिक मुक्त टाटामारी की पहल

डीएफओ श्रीमती दिव्या गौतम ने बताया कि हरेली पर्व के माध्यम से लोगों को प्रकृति, पर्यावरण और स्थानीय परंपराओं से जोड़ने का प्रयास किया गया है। उन्होंने कहा कि महिला स्व-सहायता समूहों को पर्यटन गतिविधियों से जोड़कर उन्हें रोजगार के अवसर उपलब्ध कराए जा रहे हैं।

उन्होंने बताया कि टाटामारी को प्लास्टिक मुक्त बनाने के लिए स्थानीय महिला समूहों और दुकानदारों को 10-10 रुपये के टोकन उपलब्ध कराने की पहल की जा रही है। इसका उद्देश्य प्लास्टिक के उपयोग को कम करना और पर्यावरण अनुकूल पर्यटन को बढ़ावा देना है।

प्रकृति संरक्षण का संदेश दे रहा हरेली पर्व

नगर पंचायत अध्यक्ष श्री बिहारीलाल सोरी ने कहा कि हरेली पर्व हरियाली और प्रकृति संरक्षण से जुड़ा महत्वपूर्ण पर्व है। टाटामारी में आयोजित यह कार्यक्रम लोगों को जंगल, पर्यावरण और स्थानीय संस्कृति के संरक्षण का संदेश दे रहा है।

पार्षद श्री भूपेश चन्द्राकर ने कहा कि टाटामारी के माध्यम से केशकाल क्षेत्र के अन्य पर्यटन स्थलों को भी पहचान मिल रही है। इससे बाहरी पर्यटकों का आगमन बढ़ रहा है और स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर विकसित हो रहे हैं।

महिला समूहों को मिल रहा रोजगार का अवसर

वरिष्ठ पत्रकार श्री कृष्णदत्त उपाध्याय ने वन विभाग की पहल की सराहना करते हुए कहा कि पर्यटन गतिविधियों से महिला स्व-सहायता समूहों को जोड़ने से उनकी आय में वृद्धि हो रही है। उन्होंने कहा कि स्थानीय महिलाओं द्वारा तैयार किए जा रहे पारंपरिक व्यंजन बस्तर और छत्तीसगढ़ की संस्कृति को नई पहचान दिलाने में सहायक होंगे।

कार्यक्रम में नगर पंचायत अध्यक्ष श्री बिहारीलाल सोरी, पार्षद श्री भूपेश चन्द्राकर, श्रीमती नम्रता भारद्वाज, श्री महेश तारम, डीएफओ श्रीमती दिव्या गौतम, एसडीओ श्रीमती सुषमा नेताम, वरिष्ठ पत्रकार श्री कृष्णदत्त उपाध्याय सहित वन विभाग के अधिकारी-कर्मचारी, महिला स्व-सहायता समूहों के सदस्य और बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक उपस्थित रहे।

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