रायपुर | मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में महानदी मंत्रालय भवन में वन अधिकार अधिनियम (Forest Rights Act-FRA) एवं पंचायत (अनुसूचित क्षेत्रों पर विस्तार) अधिनियम (PESA) के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए गठित टास्क फोर्स की शीर्ष समिति की पहली बैठक आयोजित की गई। बैठक में अनुसूचित क्षेत्रों में दोनों कानूनों के बेहतर समन्वय, ग्राम स्वशासन को सशक्त बनाने और आदिवासी समुदायों के समावेशी विकास के लिए रणनीति पर विस्तृत चर्चा हुई।
बैठक में मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार की प्राथमिकताओं में पेसा कानून और वन अधिकार अधिनियम का प्रभावी क्रियान्वयन शामिल है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि दोनों कानूनों के प्रावधानों को एकीकृत दृष्टिकोण से लागू करते हुए योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाया जाए।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि पेसा कानून ग्राम सभाओं को सशक्त बनाने, प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण, स्थानीय लोगों की भागीदारी बढ़ाने और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने का महत्वपूर्ण माध्यम है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ की लगभग एक-तिहाई आबादी आदिवासी समाज से जुड़ी है, इसलिए उनकी परंपराओं, अधिकारों और विकास को ध्यान में रखते हुए राज्य में पेसा का आदर्श मॉडल विकसित किया जाएगा।
बैठक में छत्तीसगढ़ पंचायत उपबंध (अनुसूचित क्षेत्रों पर विस्तार) नियम, 2022 के तहत पेसा प्रावधानों के क्रियान्वयन की समीक्षा की गई। साथ ही वन अधिकार अधिनियम, 2006 के अंतर्गत व्यक्तिगत एवं सामुदायिक दावों, सामुदायिक वन संसाधन अधिकार (CFRR) की मान्यता और वन ग्रामों को राजस्व ग्रामों में परिवर्तित करने की प्रक्रिया की प्रगति का भी मूल्यांकन किया गया।
राज्य स्तरीय कार्ययोजना समिति बनेगी
मुख्यमंत्री ने विभिन्न विभागों के नियमों और प्रक्रियाओं के समन्वय के लिए राज्य स्तरीय कार्ययोजना समिति गठित करने की घोषणा की। इस समिति में संबंधित विभागों के मंत्री और सचिव शामिल होंगे, जो समयबद्ध कार्ययोजना तैयार कर उसके प्रभावी क्रियान्वयन की निगरानी करेंगे।
उन्होंने जिला स्तरीय पेसा निगरानी समितियों को सक्रिय करने के भी निर्देश दिए, ताकि ग्राम सभाओं को सशक्त बनाने और विभिन्न विभागों के बीच बेहतर समन्वय सुनिश्चित किया जा सके।
बैठक में उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा, वन मंत्री केदार कश्यप, आदिम जाति विकास मंत्री रामविचार नेताम, विधायक नीलकंठ नेताम, विभिन्न सामाजिक संस्थाओं के विशेषज्ञों सहित मुख्य सचिव, वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी और संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।