बिहार | बिहार के जमुई जिले में नाबालिग छात्रा के यौन उत्पीड़न और नाबालिग छात्र के साथ मारपीट का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद अब पुलिस ने इस मामले में एक और कड़ा कदम उठाया है। पुलिस ने घटना का वीडियो या फोटो शेयर करने वाले सोशल मीडिया यूजर्स के खिलाफ भी कानूनी शिकंजा कस दिया है।
बिहार पुलिस का कड़ा रुख और अपील
21 सितंबर की रात बिहार पुलिस ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ (पूर्व में ट्विटर) पर एक सख्त अपील जारी करते हुए लोगों को चेतावनी दी थी। पुलिस ने पोस्ट में कहा:
‘नाबालिग पीड़िता से जुड़ा वीडियो बेहद संवेदनशील है। इसलिए इस वीडियो को सोशल मीडिया या किसी भी अन्य माध्यम पर शेयर या रीपोस्ट न करें। साथ ही नाबालिग की पहचान भी उजागर न करें। ऐसा करना POCSO एक्ट, IT एक्ट और जूवेनाइल जस्टिस (JJ) एक्ट के तहत दंडनीय अपराध है।’
इंडिया टुडे की रिपोर्ट के मुताबिक, पुलिस लगातार ऐसे अकाउंट्स की निगरानी कर रही है जो इस संवेदनशील वीडियो को फैला रहे हैं। अब तक 13 फेसबुक अकाउंट, 12 इंस्टाग्राम अकाउंट और 7 एक्स (X) अकाउंट्स की पहचान कर उनके खिलाफ वीडियो हटाने की कार्रवाई शुरू की जा चुकी है।
जमुई एसपी का बयान
जमुई के एसपी विश्वजीत दयाल ने मीडिया से बातचीत करते हुए बताया कि नाबालिग पीड़िता की पहचान उजागर करके वीडियो वायरल करना एक संगीन अपराध है। इसी के तहत विभिन्न प्लेटफॉर्म्स पर सक्रिय करीब 120 सोशल मीडिया प्रोफाइल्स के खिलाफ साइबर थाने में एफआईआर दर्ज की गई है।
मुख्य मामले में अब तक क्या हुआ?
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गिरफ्तारी: पुलिस इस मामले में अब तक तीन नाबालिग आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है। कुल 7 से 8 मुख्य आरोपियों की पहचान की गई है, जिनमें से बाकी की तलाश में लगातार दबिश दी जा रही है।
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दर्ज धाराएं: बिहार पुलिस की एडीजी लॉ एंड ऑर्डर के. सुहिता अनुपम ने बताया कि इस मामले में BNS की धारा 74, धारा 76 और POCSO एक्ट की धारा 8 व 12 के तहत केस दर्ज किया गया है। इन धाराओं में महिला की गरिमा भंग करने और बच्चों के यौन उत्पीड़न से जुड़े गंभीर अपराध शामिल हैं।
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SIT का गठन: मामले की निष्पक्ष और त्वरित जांच के लिए एक स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) का गठन किया गया है, जिसकी निगरानी जमुई के एसडीपीओ (SDPO) कर रहे हैं।
राजनीतिक प्रतिक्रियाएं
इस घटना को लेकर बिहार की सियासत भी गरमा गई है।
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नेता प्रतिपक्ष और आरजेडी नेता तेजस्वी यादव ने इस घटना को बेहद दुखद और शर्मनाक करार दिया है।
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वहीं, बिहार सरकार में मंत्री और जमुई की विधायक श्रेयसी सिंह ने कहा है कि वीडियो या घटना पर राजनीति करने की आवश्यकता नहीं है, और बाकी बचे आरोपियों के खिलाफ भी जल्द कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
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जमुई से एलजेपी (रामविलास) सांसद अरुण भारती ने बताया कि उन्होंने एसपी से बात की है और पुलिस इस मामले में पूरी तरह से गंभीर है।