रायपुर। ग्रामीण एवं अर्धशहरी क्षेत्रों में बैंकिंग सेवाओं की पहुंच बढ़ाने और आम नागरिकों को वित्तीय रूप से जागरूक बनाने के उद्देश्य से यूनियन बैंक ऑफ इंडिया की निमोरा शाखा द्वारा वित्तीय समावेशन एवं वित्तीय साक्षरता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के महाप्रबंधक अविनाश पाराशर मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए।
इस दौरान उन्होंने ग्रामीणों को वित्तीय साक्षरता, री-केवाईसी (Re-KYC), सेंट्रल केवाईसी (CKYC) और सुरक्षित डिजिटल बैंकिंग के महत्व के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने कहा कि डिजिटल बैंकिंग के बढ़ते उपयोग के साथ ग्राहकों को अपनी व्यक्तिगत और बैंकिंग संबंधी जानकारियों की सुरक्षा को लेकर भी सतर्क रहना चाहिए।
OTP और PIN किसी के साथ साझा न करें
RBI महाप्रबंधक अविनाश पाराशर ने अपने संबोधन में मोबाइल बैंकिंग, यूपीआई और इंटरनेट बैंकिंग के सुरक्षित इस्तेमाल के तरीके बताए। उन्होंने लोगों को आगाह किया कि किसी भी परिस्थिति में अपना एटीएम पिन, ओटीपी, पासवर्ड और बैंक खाते से जुड़ी गोपनीय जानकारी किसी अनजान व्यक्ति के साथ साझा न करें।
उन्होंने डिजिटल लेनदेन के दौरान सतर्कता बरतने और किसी भी संदिग्ध कॉल, मैसेज या लिंक से बचने की सलाह दी। उन्होंने बताया कि थोड़ी सी सावधानी से ऑनलाइन बैंकिंग धोखाधड़ी के जोखिम को कम किया जा सकता है।
Re-KYC और CKYC की बताई उपयोगिता
कार्यक्रम में बैंक खातों को अपडेट रखने के लिए समय पर री-केवाईसी कराने के महत्व पर भी जानकारी दी गई। ग्राहकों को बताया गया कि बैंक द्वारा निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार केवाईसी संबंधी जानकारी अपडेट रखना जरूरी है, ताकि बैंकिंग सेवाओं का लाभ बिना किसी परेशानी के मिलता रहे।
इसके साथ ही सेंट्रल केवाईसी (CKYC) के फायदों के बारे में भी बताया गया। इसके माध्यम से ग्राहक की केवाईसी जानकारी केंद्रीय रिकॉर्ड में उपलब्ध रहती है, जिससे बैंक, बीमा और म्यूचुअल फंड जैसी वित्तीय सेवाओं में बार-बार दस्तावेज जमा कराने की आवश्यकता कम हो सकती है।
जनधन खाते और सामाजिक सुरक्षा योजनाओं से जोड़ने पर जोर
वित्तीय समावेशन कार्यक्रम के दौरान समाज के अंतिम व्यक्ति तक बैंकिंग सेवाएं पहुंचाने की आवश्यकता पर जोर दिया गया। यूनियन बैंक की निमोरा शाखा द्वारा नए जनधन खाते खोलने और पात्र हितग्राहियों को विभिन्न सामाजिक सुरक्षा योजनाओं से जोड़ने के प्रयासों की जानकारी दी गई।
इसमें प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना (PMSBY), प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना (PMJJBY) और अटल पेंशन योजना जैसी योजनाओं के लाभ बताए गए। ग्रामीणों को इन योजनाओं की पात्रता और सुविधाओं की जानकारी देकर अधिक से अधिक लोगों को बैंकिंग व्यवस्था से जोड़ने के लिए प्रेरित किया गया।
किसानों, महिलाओं और छोटे कारोबारियों को ऋण सुविधाओं की जानकारी
कार्यक्रम में क्षेत्र प्रबंधक रणधीर कुमार ने किसानों, छोटे उद्यमियों और महिलाओं को बैंक की विभिन्न ऋण सुविधाओं का लाभ उठाने के लिए प्रोत्साहित किया। उन्होंने किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) और प्रधानमंत्री मुद्रा योजना के तहत उपलब्ध ऋण सुविधाओं की जानकारी दी।
उन्होंने बताया कि बैंकिंग सेवाओं और संस्थागत ऋण सुविधाओं का सही उपयोग ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने तथा स्वरोजगार और छोटे व्यवसायों को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।
ग्रामीणों को आधुनिक बैंकिंग से जोड़ने की पहल
कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य निमोरा और आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों को आधुनिक बैंकिंग सेवाओं के प्रति जागरूक करना और उन्हें डिजिटल लेनदेन के लिए प्रोत्साहित करना रहा।
इस पहल के माध्यम से ग्रामीणों को बैंकिंग सुविधाओं का सुरक्षित उपयोग करने, अपने खाते की जानकारी अपडेट रखने और केंद्र एवं राज्य सरकार की वित्तीय योजनाओं का लाभ उठाने के लिए प्रेरित किया गया।
कार्यक्रम में वित्तीय साक्षरता के साथ-साथ सुरक्षित डिजिटल लेनदेन, बैंकिंग सेवाओं की उपलब्धता और आर्थिक आत्मनिर्भरता के महत्व को रेखांकित किया गया।