जगदलपुर। केंद्रीय जेल में एक महिला बंदी जयमती बघेल की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत ने जेल प्रशासन की सुरक्षा और निगरानी व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। दरभा क्षेत्र के चितापुर गांव की रहने वाली जयमती ने कथित तौर पर रविवार तड़के अपनी चुन्नी से फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली।
बताया जा रहा है कि जयमती करीब दो महीने पहले अपने चाचा की हत्या के आरोप में न्यायिक हिरासत में जेल भेजी गई थी। जेल में बंद रहते हुए मानसिक तनाव और परिवार से दूरी के कारण उसने यह आत्मघाती कदम उठाया।
हाई सिक्योरिटी जेल में यह घटना प्रशासन की निगरानी व्यवस्था पर सवाल खड़ा करती है। जेल अधिकारियों के अनुसार, बंदियों की नियमित निगरानी और स्वास्थ्य परीक्षण की व्यवस्था होती है, लेकिन इस मामले में महिला बंदी को फांसी लगाने का मौका कैसे मिला, यह जांच का विषय है।
जगदलपुर कोतवाली पुलिस मामले की हर पहलू की जांच कर रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत की वास्तविक वजह स्पष्ट हो सकेगी। वहीं, जेल प्रशासन ने इस घटना के बाद सुरक्षा और मानसिक स्वास्थ्य निगरानी को और कड़ा करने का आश्वासन दिया है।
इस घटना ने न केवल परिवार को सदमा दिया है, बल्कि जेलों में बंद कैदियों की सुरक्षा और प्रशासनिक व्यवस्थाओं को लेकर गंभीर प्रश्न भी खड़े कर दिए हैं।