नई दिल्ली । देश में कच्चे माल और ईंधन की बढ़ती लागत के बीच इथेनॉल निर्माताओं ने ई20 कार्यक्रम के लिए पर्याप्त आपूर्ति सुनिश्चित करने को लेकर चिंता जताई है। डिस्टिलरी उद्योग की कंपनियों के शीर्ष संगठन आयडा (AIDA) की सोमवार को नई दिल्ली में आयोजित वार्षिक आम सभा में मक्के की बढ़ती कीमतों और मक्के से उत्पादित इथेनॉल के खरीद मूल्य में सरकार की ओर से की गई कटौती को लेकर मुद्दा उठाया गया।
उद्योग से जुड़े प्रतिनिधियों ने कहा कि उत्पादन लागत में वृद्धि और खरीद मूल्य से संबंधित चुनौतियां इथेनॉल निर्माताओं के सामने दबाव पैदा कर रही हैं। ऐसे में देश में ई20 कार्यक्रम की जरूरतों के अनुरूप इथेनॉल की पर्याप्त उपलब्धता बनाए रखना महत्वपूर्ण हो गया है।
मक्के की कीमतों में वृद्धि से बढ़ी चिंता
बैठक में मक्के की कीमतों में बढ़ोतरी को लेकर चिंता व्यक्त की गई। मक्का इथेनॉल उत्पादन के प्रमुख कच्चे माल में शामिल है। इसकी कीमत बढ़ने से इथेनॉल बनाने की लागत पर असर पड़ता है।
उद्योग प्रतिनिधियों ने मक्के से बने इथेनॉल के खरीद मूल्य में कटौती के मुद्दे को भी उठाया। उनका कहना है कि कच्चे माल की बढ़ती लागत और खरीद मूल्य में कमी के बीच उत्पादन की आर्थिक व्यवहार्यता बनाए रखना चुनौतीपूर्ण हो सकता है।
गन्ने के इस्तेमाल पर रोक से उत्पादन प्रभावित होने की चिंता
उपलब्ध समाचार के अनुसार, चीनी की कमी के बीच इथेनॉल उत्पादन के लिए गन्ने के इस्तेमाल पर रोक लगाए जाने से उत्पादन में कमी आने का मुद्दा भी बैठक में उठाया गया। ऐसे में इथेनॉल उत्पादन के लिए विभिन्न कच्चे माल की उपलब्धता और उनकी लागत उद्योग के लिए अहम विषय बन गए हैं।
इथेनॉल निर्माता चाहते हैं कि उत्पादन से जुड़ी चुनौतियों पर ध्यान दिया जाए, ताकि घरेलू जरूरतों के अनुसार आपूर्ति बनाए रखने में कठिनाई न हो।
ई20 कार्यक्रम के लिए आपूर्ति अहम
ई20 कार्यक्रम के तहत पेट्रोल में 20 प्रतिशत इथेनॉल मिश्रण का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इस दिशा में इथेनॉल की पर्याप्त और नियमित आपूर्ति महत्वपूर्ण है। इसके लिए उत्पादन क्षमता, कच्चे माल की उपलब्धता और खरीद मूल्य के बीच संतुलन बनाए रखना जरूरी माना जाता है।
इथेनॉल मिश्रण कार्यक्रम का उद्देश्य पेट्रोलियम ईंधन पर निर्भरता कम करने और वैकल्पिक ईंधन के इस्तेमाल को बढ़ावा देना है। हालांकि, उत्पादन लागत और कच्चे माल की उपलब्धता से जुड़ी चुनौतियां इस क्षेत्र के लिए महत्वपूर्ण बनी हुई हैं।