बिलासपुर । उप मुख्यमंत्री एवं बिलासपुर जिले के प्रभारी मंत्री श्री अरुण साव ने कहा कि जैविक खेती से गांवों की समृद्धि सुनिश्चित होगी और किसान आत्मनिर्भर बनेंगे। वे आज बिलासपुर स्थित कृषि महाविद्यालय में कृषि विभाग की एक्सटेंशन रिफॉर्म्स (आत्मा) योजना के तहत आयोजित जैविक कृषि कार्यशाला के शुभारंभ अवसर पर बोल रहे थे।
कार्यशाला में जैविक खेती को बढ़ावा देने वाले किसानों का सम्मान भी किया गया।
जैविक खेती अपनाने का आह्वान
उप मुख्यमंत्री ने किसानों से अपील की कि वे रसायनमुक्त और जैविक खेती को अपनाएं। उन्होंने कहा कि रासायनिक खेती के दुष्प्रभाव अब भूमि की उर्वरता और मानव स्वास्थ्य दोनों पर दिखाई देने लगे हैं। ऐसे में जैविक खेती समय की आवश्यकता बन चुकी है।
उन्होंने जल संरक्षण, गौ-संवर्धन और पशुपालन को कृषि व्यवस्था का अभिन्न हिस्सा बनाने पर भी जोर दिया। साथ ही कहा कि गांवों में आपसी सहयोग और सामुदायिक सहभागिता से ही आत्मनिर्भरता का लक्ष्य प्राप्त किया जा सकता है।
कृषि विकास और सरकारी योजनाओं पर जोर
श्री अरुण साव ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में किसानों के हित में कई योजनाएं संचालित की जा रही हैं, जिनसे किसानों को आर्थिक मजबूती मिली है। उन्होंने कहा कि गांवों को फिर से समृद्ध बनाना सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है।
जनप्रतिनिधियों और विशेषज्ञों के विचार
कार्यक्रम में बेलतरा विधायक सुशांत शुक्ला ने कहा कि गांव और किसान भारतीय लोकतंत्र की वास्तविक शक्ति हैं। उन्होंने परंपरागत खेती के साथ विविध और रसायनमुक्त खेती अपनाने की आवश्यकता पर बल दिया।
कृषि वैज्ञानिक डॉ. गीत शर्मा ने कार्यशाला का उद्देश्य बताते हुए कहा कि इसका लक्ष्य किसानों को टिकाऊ और प्राकृतिक खेती की ओर प्रेरित करना है।
वहीं कृषि विशेषज्ञ डॉ. बृजलाल राठौर ने जैविक खेती की तकनीकों, लाभों और संभावनाओं पर विस्तृत जानकारी दी।
उत्कृष्ट किसानों का सम्मान
कार्यशाला में जैविक खेती में उत्कृष्ट योगदान देने वाले किसानों—श्री जदूनंदन साहू, श्री हजारीलाल पटेल, श्रीमती श्रद्धा मिश्रा और श्रीमती शिल्पी राजपूत सहित अन्य किसानों को सम्मानित किया गया।
इस अवसर पर बड़ी संख्या में किसान, कृषि वैज्ञानिक और अधिकारी उपस्थित रहे। किसानों ने भी अपने अनुभव साझा करते हुए इस तरह के आयोजनों को उपयोगी बताया |