रायपुर । बस्तर के दरभा क्षेत्र में आयोजित तीन दिवसीय हरेली बर्ड फेस्टिवल का भव्य शुभारंभ वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री केदार कश्यप के मुख्य आतिथ्य में हुआ। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि बस्तर अपनी प्राकृतिक सुंदरता और समृद्ध जैव विविधता के कारण देश के प्रमुख इको-टूरिज्म स्थलों में शामिल होने की क्षमता रखता है। ऐसे आयोजनों से वन्यजीव संरक्षण के साथ स्थानीय समुदायों को रोजगार के नए अवसर मिलेंगे।
दुर्लभ पक्षी प्रजातियों के संरक्षण पर जोर
वन मंत्री ने कहा कि बस्तर के घने वनों में अनेक दुर्लभ पक्षी प्रजातियां पाई जाती हैं। इनके संरक्षण के लिए समाज के प्रत्येक वर्ग की भागीदारी आवश्यक है। उन्होंने कहा कि हरेली बर्ड फेस्टिवल से पक्षी संरक्षण, पर्यावरण जागरूकता और स्थानीय समुदायों की सहभागिता को बढ़ावा मिलेगा।
उन्होंने बताया कि बर्ड फेस्टिवल के माध्यम से स्थानीय युवाओं को बर्ड गाइड, होम-स्टे, पर्यटन सेवाओं और प्रकृति आधारित आजीविका से जुड़ने के अवसर मिलेंगे। उन्होंने ग्रामीणों से वनों और वन्यजीवों की सुरक्षा में वन विभाग का सहयोग करने की अपील की।
‘गज संकेत’ मोबाइल ऐप लॉन्च
कार्यक्रम में मानव-हाथी द्वंद्व को कम करने के उद्देश्य से ‘गज संकेत’ मोबाइल ऐप लॉन्च किया गया। इसके साथ ही हरेली बर्ड फेस्टिवल का आधिकारिक लोगो जारी किया गया।
कार्यक्रम में बस्तर की प्राकृतिक विरासत पर आधारित कॉफी टेबल बुक और अन्य प्रकाशनों का विमोचन भी किया गया। छत्तीसगढ़ के राजकीय पक्षी बस्तर पहाड़ी मैना के संरक्षण पर विशेष प्रस्तुति दी गई।
1,233 हितग्राहियों को 17.09 करोड़ रुपये की सहायता
कार्यक्रम के दौरान राज मोहिनी देवी सामाजिक सुरक्षा योजना के अंतर्गत जून 2026 तक 1,233 हितग्राहियों को 17 करोड़ 9 लाख रुपये की सहायता राशि के वितरण की शुरुआत की गई।
वन्यजीव संरक्षण में उल्लेखनीय योगदान देने वाले हाथी मित्र दल, मैना मित्र दल और गिद्ध मित्र दल के सदस्यों को भी सम्मानित किया गया।
इस अवसर पर विधायक विनायक गोयल, छत्तीसगढ़ राज्य लघु वनोपज संघ के अध्यक्ष रूपसाय सलाम, अपर मुख्य सचिव वन मनोज कुमार पिंगुआ, प्रधान मुख्य वन संरक्षक अरुण कुमार पांडे, जगदलपुर महापौर संजय पांडे, जिला पंचायत उपाध्यक्ष बलदेव मंडावी सहित जनप्रतिनिधि, वन विभाग के अधिकारी, पर्यावरणविद, ग्रामीण और बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।