रायपुर । कृषि विकास एवं किसान कल्याण तथा जैव प्रौद्योगिकी मंत्री रामविचार नेताम ने 12 अगस्त को मनाए जाने वाले छत्तीसगढ़ के पारंपरिक लोकपर्व हरेली तिहार के अवसर पर प्रदेशवासियों और किसानों को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दी हैं।
कृषि मंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ एक कृषि प्रधान राज्य है और यहां के जनजीवन में हरेली तिहार का विशेष महत्व है। हरियाली अमावस्या के अवसर पर मनाया जाने वाला यह पर्व प्रदेश की कृषि परंपराओं और ग्रामीण जीवन से गहराई से जुड़ा हुआ है।
कृषि उपकरणों की पूजा की परंपरा
रामविचार नेताम ने कहा कि हरेली के दिन किसान अपने नांगर (हल) और कृषि उपकरणों की पूजा करते हैं। यह परंपरा कृषि कार्य में उपयोग होने वाले साधनों के प्रति सम्मान और छत्तीसगढ़ की कृषि प्रधान संस्कृति को दर्शाती है।
उन्होंने कहा कि हरेली केवल कृषि से जुड़ा पर्व ही नहीं है, बल्कि यह प्रकृति और हरियाली के महत्व का भी संदेश देता है। पेड़-पौधों और प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण के प्रति जागरूकता बढ़ाने में इस पर्व की महत्वपूर्ण भूमिका है।
किसानों और नागरिकों की खुशहाली की कामना
कृषि मंत्री ने हरेली तिहार के अवसर पर प्रदेश के किसानों और नागरिकों के लिए सुख, समृद्धि एवं खुशहाली की कामना की। उन्होंने कहा कि हरेली की परंपरा प्रदेश की कृषि संस्कृति, प्रकृति के प्रति सम्मान और ग्रामीण जीवन की समृद्ध विरासत को आगे बढ़ाने का संदेश देती है।