रायपुर। धमतरी की प्राकृतिक सुंदरता, जैव विविधता, धार्मिक-सांस्कृतिक विरासत और साहसिक पर्यटन को देश-दुनिया तक पहुंचाने के लिए ‘मॉनसून क्रिएटर मीट-अप 2026’ का आयोजन किया गया। बरदिहा रिसोर्ट में आयोजित इस कार्यक्रम में जिलेभर से आए डिजिटल कंटेंट क्रिएटर्स और इंफ्लुएंसर्स ने हिस्सा लिया।
कार्यक्रम में सोशल मीडिया के जरिए धमतरी के पर्यटन स्थलों, लोक-संस्कृति, स्थानीय खानपान और ग्रामीण जीवन को नई पहचान दिलाने की रणनीतियों पर चर्चा की गई। क्रिएटर्स ने पर्यटन स्थलों का भ्रमण कर रील्स, शॉर्ट्स और ट्रैवल कंटेंट के माध्यम से डिजिटल स्टोरीटेलिंग के अनुभव भी साझा किए।
स्थानीय प्रतिभाओं और पर्यटन को मिलेगा वैश्विक मंच
कलेक्टर धमतरी ने कहा कि वर्तमान दौर डिजिटल मीडिया का है। रचनात्मक और जिम्मेदार कंटेंट के जरिए किसी भी अनजान जगह या स्थानीय प्रतिभा को कम समय में दुनिया भर में पहचान दिलाई जा सकती है।
उन्होंने कहा कि गंगरेल बांध, पहाड़ियां, वन, आदिवासी संस्कृति, ग्रामीण जीवन और ‘फूड, फेथ एंड कल्चर’ जैसे धमतरी के प्रमुख आकर्षणों को डिजिटल प्लेटफॉर्म पर प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करने की जरूरत है।
क्रिएटर्स के लिए विकसित होंगी डिजिटल सुविधाएं
धमतरी जिले में पर्यटन और डिजिटल गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए कंटेंट क्रिएटर्स को नई सुविधाएं उपलब्ध कराने की तैयारी है। प्रशासन द्वारा कुरुद में समर्पित ‘यूट्यूब रूम’ तैयार किया जा रहा है। इसके साथ ही धमतरी में भी इसी तरह की डिजिटल सुविधा विकसित करने की योजना है।
युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर
अधिकारियों के मुताबिक पर्यटन के विस्तार से स्थानीय युवाओं के लिए होम-स्टे, स्थानीय परिवहन, गाइड, हस्तशिल्प, फोटोग्राफी, वीडियोग्राफी और वीडियो एडिटिंग जैसे क्षेत्रों में रोजगार और स्वरोजगार के नए अवसर पैदा होंगे।
जिले में पर्यटन के सुनियोजित एवं समग्र विकास के लिए पर्यटन समिति का गठन भी किया गया है। जिला पंचायत सीईओ ने बताया कि आतिथ्य, स्वच्छता, होम-स्टे और बुनियादी सुविधाओं को मजबूत कर स्थानीय समुदाय को सीधे पर्यटन गतिविधियों से जोड़ा जाएगा।
डिजिटल स्टोरीटेलिंग से बदलेगी धमतरी की तस्वीर
‘मॉनसून क्रिएटर मीट-अप 2026’ के माध्यम से प्रशासन ने स्थानीय डिजिटल क्रिएटर्स को पर्यटन विकास से जोड़ने की दिशा में पहल की है। सोशल मीडिया पर तैयार होने वाला आकर्षक और जिम्मेदार कंटेंट धमतरी के पर्यटन स्थलों को व्यापक पहचान दिलाने के साथ स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी गति दे सकता है।
कार्यक्रम के समापन पर सभी प्रतिभागी क्रिएटर्स को स्मृति चिन्ह और प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया गया।