नई दिल्ली। राजधानी दिल्ली में आपदा प्रबंधन को नई मजबूती देने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है। दिल्ली फायर सर्विसेज (DFS) कनॉट प्लेस स्थित अपने मुख्यालय का पुनर्विकास कर देश का पहला रेडिएशन-शील्डेड CBRN (Chemical, Biological, Radiological and Nuclear) कमांड सेंटर स्थापित करने जा रहा है। इस अत्याधुनिक परियोजना का उद्देश्य परमाणु, रासायनिक, जैविक और रेडियोलॉजिकल आपदाओं के दौरान सुरक्षित वातावरण में आपातकालीन संचालन सुनिश्चित करना है।
परियोजना के लिए टेंडर जारी कर दिया गया है और इसे अगले पांच वर्षों में पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। कमांड सेंटर को भूमिगत विशेष सुरक्षा मानकों के साथ तैयार किया जाएगा, जिससे बाहरी विकिरण और जहरीली गैसों का प्रभाव अंदर तक नहीं पहुंच सकेगा।
नई व्यवस्था में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) आधारित केंद्रीकृत कमांड रूम भी बनाया जाएगा, जो ट्रैफिक, मौसम और आपातकालीन कॉल डेटा का विश्लेषण कर आग जैसी घटनाओं का पूर्वानुमान लगाने और प्रतिक्रिया समय कम करने में मदद करेगा। इसके अलावा दिल्ली के उत्तर, दक्षिण, पूर्व, पश्चिम और मध्य जोन में अलग-अलग कमांड सेंटर भी विकसित किए जाएंगे।
दिल्ली फायर सर्विस अगले छह महीनों में राजधानी के विभिन्न इलाकों में आठ नए फायर स्टेशन भी शुरू करेगी। विभाग ने अगले 25 वर्षों के लिए व्यापक आधुनिकीकरण योजना तैयार की है, जिसमें ड्रोन निगरानी, आधुनिक अग्निशमन तकनीक, उन्नत आपदा प्रबंधन प्रणाली और बड़े पैमाने पर मानव संसाधन विस्तार शामिल है।
वर्तमान में दिल्ली में 71 फायर स्टेशन और 2,459 कर्मचारी कार्यरत हैं, जबकि गृह मंत्रालय के मानकों के अनुसार राजधानी को लगभग 120 फायर स्टेशनों और 24,000 से अधिक कर्मियों की आवश्यकता है। इसी दिशा में विभाग अतिरिक्त दमकल केंद्रों की स्थापना और हजारों नए कर्मचारियों की भर्ती की योजना पर भी काम कर रहा है।