नई दिल्ली। दिल्ली सरकार ने राजधानी की शहरी और नागरिक समस्याओं के तकनीक आधारित समाधान विकसित करने के उद्देश्य से ‘दिल्ली नेक्स्ट–कोड, क्रिएट एंड चेंज’ कार्यक्रम की शुरुआत की है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने दिल्ली सचिवालय में इस पहल का शुभारंभ करते हुए इसे देश का सबसे बड़ा सिविक-टेक इनोवेशन प्रोग्राम बताया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि बदलते समय में सुशासन केवल नीतियां बनाने तक सीमित नहीं रह सकता। तकनीक, नवाचार और जनभागीदारी के माध्यम से ही नागरिक समस्याओं का प्रभावी समाधान संभव है। उन्होंने कहा कि ‘दिल्ली नेक्स्ट’ केवल एक हैकाथॉन नहीं, बल्कि युवाओं के नवाचारों को सरकारी व्यवस्था से जोड़ने वाला मंच है।
कार्यक्रम के तहत देशभर के युवाओं, स्टार्टअप्स, शोधकर्ताओं और शिक्षण संस्थानों ने ट्रैफिक प्रबंधन, जलभराव, स्मार्ट पार्किंग, वायु प्रदूषण, कचरा प्रबंधन, ईवी इकोसिस्टम, डिजिटल गवर्नेंस और नागरिक सेवाओं से जुड़े तकनीकी समाधान प्रस्तुत किए।
सरकार के अनुसार, चयनित टॉप 60 टीमों को संबंधित सरकारी विभागों के साथ जोड़कर उनके प्रोजेक्ट्स का पायलट परीक्षण कराया जाएगा। सफल साबित होने वाले मॉडलों को चरणबद्ध तरीके से सरकारी कार्यप्रणाली में शामिल किया जाएगा, ताकि उनका लाभ सीधे नागरिकों तक पहुंचे।
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि देश के युवाओं में बदलाव लाने की अपार क्षमता है। यदि उन्हें सही अवसर और मार्गदर्शन मिले तो वे प्रशासनिक व्यवस्था को नई दिशा दे सकते हैं। उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य दिल्ली को देश की ‘सिविक-टेक कैपिटल’ के रूप में विकसित करना है, जहां डेटा, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और डिजिटल नवाचार के जरिए पारदर्शी, जवाबदेह और स्मार्ट गवर्नेंस सुनिश्चित की जा सके।