नई दिल्ली: मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता (Rekha Gupta) की अध्यक्षता में दिल्ली कैबिनेट ने जम्मू-कश्मीर के प्रवासी परिवारों के लिए ‘वन टाइम एमनेस्टी योजना’ को मंजूरी दी है। इस योजना का उद्देश्य राजधानी में रह रहे प्रवासी परिवारों को आर्थिक और सामाजिक सुरक्षा प्रदान करना है। सरकारी जानकारी के अनुसार, इस योजना का लाभ दिल्ली सरकार के साथ पंजीकृत लगभग 1,832 प्रवासी परिवारों को मिलेगा।
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने बताया कि योजना केवल उन्हीं परिवारों पर लागू होगी, जिन्हें 31 मार्च 2024 तक राहत मिली थी। पात्र परिवारों को मासिक आर्थिक सहायता जारी रहेगी। योजना के तहत अब आय और संपत्ति से जुड़ी शर्तों को हटा दिया गया है, जिससे राहत वितरण प्रक्रिया सरल और पारदर्शी होगी।
इसके अलावा, कैबिनेट ने योजना की कट-ऑफ तिथि बढ़ाकर 1 अप्रैल 2026 कर दी है और बकाया राहत राशि का भुगतान भी अब 31 मार्च 2026 तक किया जाएगा। योजना के तहत मिलने वाली राहत राशि डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) के माध्यम से सीधे लाभार्थियों के बैंक खातों में भेजी जाएगी।
सरकार ने बताया कि इस निर्णय से लाभार्थियों को अपने रिकॉर्ड अपडेट करने और परिवार के सदस्यों की सही जानकारी दर्ज कराने का अवसर मिलेगा। योजना के सुचारु संचालन के लिए वित्तीय वर्ष 2026-27 में 30 करोड़ रुपये का बजटीय प्रावधान किया गया है।
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा, “हम यह सुनिश्चित करेंगे कि किसी भी पात्र प्रवासी परिवार को राहत प्राप्त करने में कोई परेशानी न हो। यह कदम उनके सामाजिक और आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में महत्वपूर्ण साबित होगा।”
इस योजना से दिल्ली में रह रहे जम्मू-कश्मीर के विस्थापित परिवारों को नियमित आर्थिक सहायता और अधिक पारदर्शी प्रणाली के जरिए राहत मिलेगी, जिससे उनकी आजीविका और सामाजिक सुरक्षा मजबूत होगी।