रायपुर । मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा है कि सहकारिता किसानों की आय बढ़ाने, ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाने और आत्मनिर्भरता का सबसे प्रभावी माध्यम बन रही है। वे इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के कृषि मंडपम में आयोजित राज्य स्तरीय सहकारी सम्मेलन एवं सहकारी सप्ताह कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे, जो सहकारिता मंत्रालय के पांच वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर आयोजित किया गया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में ‘सहकार से समृद्धि’ का संकल्प अब धरातल पर साकार हो रहा है। उन्होंने बताया कि राज्य में सहकारिता के विस्तार से किसानों, वनवासियों, महिला समूहों और ग्रामीण परिवारों की आय में लगातार वृद्धि हो रही है।
तेंदूपत्ता संग्राहकों को 162 करोड़ की राशि का शुभारंभ
कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने 7.14 लाख तेंदूपत्ता संग्राहकों के लिए 162 करोड़ रुपये से अधिक की प्रोत्साहन राशि वितरण का शुभारंभ किया। साथ ही उत्कृष्ट सहकारी समितियों को सहकार प्रेरणा पुरस्कार से सम्मानित किया गया।
1352 नई सहकारी समितियों से बढ़ा नेटवर्क
मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रदेश में सहकारिता के विस्तार के लिए 1352 नई सहकारी समितियों का गठन किया गया है, जिससे गांव-गांव तक सहकारी व्यवस्था मजबूत हुई है। उन्होंने कहा कि कोई भी पंचायत सहकारिता से वंचित न रहे, यह सरकार का लक्ष्य है।
किसानों के लिए सस्ता और आसान ऋण
मुख्यमंत्री ने कहा कि पहले किसानों को 16 से 18 प्रतिशत ब्याज पर ऋण लेना पड़ता था, लेकिन अब सहकारिता व्यवस्था और किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) के माध्यम से किसानों को बिना ब्याज या आसान ऋण मिल रहा है। इस वर्ष अब तक 15 लाख से अधिक किसानों को 8 हजार करोड़ रुपये से अधिक ऋण उपलब्ध कराया गया है।
सहकारिता से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई दिशा
मुख्यमंत्री ने कहा कि सहकारिता केवल कृषि तक सीमित नहीं है, बल्कि पशुपालन, दुग्ध उत्पादन, वनोपज, मत्स्य पालन और ग्रामीण उद्यमिता जैसे क्षेत्रों में भी इसका व्यापक विस्तार हो रहा है। एनडीडीबी (NDDB) के सहयोग से दुग्ध उत्पादन क्षेत्र में सकारात्मक बदलाव देखने को मिल रहा है।
डिजिटल सहकारिता की शुरुआत
कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने सहकारिता विभाग के ऑनलाइन पोर्टल का शुभारंभ किया, जिससे किसानों का पंजीयन अब पारदर्शी, ऑनलाइन और समयबद्ध तरीके से किया जा सकेगा।
स्टॉलों का किया अवलोकन, नवाचारों की सराहना
मुख्यमंत्री ने विभिन्न सहकारी संस्थाओं के स्टॉलों का निरीक्षण किया और महिला स्व-सहायता समूहों, वनधन समितियों एवं सहकारी संस्थाओं द्वारा किए जा रहे नवाचारों की सराहना की। इस दौरान कई योजनाओं के लाभांश, सामग्री और प्रमाण पत्र भी वितरित किए गए।
कार्यक्रम में सहकारिता मंत्री केदार कश्यप, वरिष्ठ अधिकारी, जनप्रतिनिधि, किसान और बड़ी संख्या में हितग्राही उपस्थित रहे।