धर्मांतरण विवाद: सुप्रीम कोर्ट ने रोकी आपराधिक कार्यवाही, 6 हफ्ते में जवाब दे MP सरकार

नई दिल्ली। मध्य प्रदेश के कथित धर्मांतरण मामले में सुप्रीम कोर्ट ने हेमराज टेलर को बड़ी राहत दी है। शीर्ष अदालत ने उनके खिलाफ चल रही आपराधिक कार्यवाही पर अंतरिम रोक लगा दी है और मामले में मध्य प्रदेश सरकार से जवाब मांगा है।

जस्टिस मनोज मिश्रा और जस्टिस श्री चंद्रशेखर की पीठ ने हेमराज टेलर की याचिका पर सुनवाई करते हुए राज्य सरकार को नोटिस जारी किया। कोर्ट ने सरकार से 6 सप्ताह के भीतर जवाब दाखिल करने को कहा है।

हाई कोर्ट के आदेश को दी थी चुनौती

हेमराज टेलर ने मध्य प्रदेश हाई कोर्ट के उस फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी थी, जिसमें उनके खिलाफ दर्ज FIR को रद्द करने से इनकार कर दिया गया था।

यह मामला मध्य प्रदेश के राजगढ़ जिले के जीरापुर पुलिस स्टेशन में दर्ज केस से जुड़ा है। हेमराज पर आरोप है कि उन्होंने एक परिवार को इस्लाम धर्म अपनाने के लिए कथित रूप से प्रभावित किया था।

याचिकाकर्ता ने लगाए देरी से FIR दर्ज होने के आरोप

सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई के दौरान हेमराज टेलर के वकील ने दलील दी कि शिकायतकर्ता महिला के पति ने करीब 8 साल पहले इस्लाम धर्म अपनाया था, जबकि FIR काफी समय बाद दर्ज की गई।

वकील ने यह भी बताया कि याचिकाकर्ता और उनका परिवार हिंदू धर्म को मानता है। उन्होंने कोर्ट के सामने मामले से जुड़े अन्य तथ्यों को भी रखा।

महिला ने लगाया था दबाव बनाने का आरोप

मामले में शिकायतकर्ता महिला का आरोप है कि हेमराज टेलर ने उसके पति को इस्लाम अपनाने के लिए प्रेरित किया था। महिला का दावा है कि टेलर के प्रभाव में आकर उसके पति ने धर्म परिवर्तन किया।

शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया है कि पिछले कुछ समय से महिला और उसके नाबालिग बेटे पर भी धर्म बदलने का कथित दबाव बनाया जा रहा था।

अब राज्य सरकार के जवाब का इंतजार

सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद फिलहाल हेमराज टेलर के खिलाफ आपराधिक कार्यवाही पर रोक रहेगी। अब मामले में मध्य प्रदेश सरकार के जवाब के बाद आगे की सुनवाई होगी। अदालत इस मामले में लगाए गए आरोपों और कानूनी पहलुओं पर आगे विचार करेगी।

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