अभिसरण से बदली सलकापारा आंगनबाड़ी की तस्वीर, 11.69 लाख से बने नए भवन में 35 बच्चों को मिल रही बेहतर सुविधाएं

रायपुर । राज्य सरकार की योजनाओं के प्रभावी अभिसरण से सरगुजा जिले के उदयपुर विकासखंड के ग्राम पंचायत सलका स्थित सलकापारा आंगनबाड़ी केंद्र की तस्वीर पूरी तरह बदल गई है। कभी किराए के जर्जर भवन में संचालित होने वाला यह केंद्र अब 11.69 लाख रुपए की लागत से निर्मित नए भवन में संचालित हो रहा है, जिससे बच्चों, गर्भवती माताओं और किशोरी बालिकाओं को बेहतर सुविधाएं मिल रही हैं।

योजनाओं के अभिसरण से बना नया भवन

सलकापारा आंगनबाड़ी केंद्र के भवन निर्माण को वित्तीय वर्ष 2024-25 में स्वीकृति मिली थी। भवन निर्माण के लिए एकीकृत बाल विकास सेवा (आईसीडीएस) और विकसित भारत जी राम जी योजना के संसाधनों का अभिसरण किया गया। कुल 11.69 लाख रुपए की लागत में आईसीडीएस से 3.69 लाख रुपए और विकसित भारत जी राम जी योजना से 8 लाख रुपए का प्रावधान किया गया। निर्माण कार्य के दौरान 494 मानव दिवस का रोजगार भी सृजित हुआ।

जर्जर भवन से मिली स्थायी सुविधा

पहले आंगनबाड़ी केंद्र किराए के एक जर्जर भवन में संचालित होता था, जहां सीमित स्थान और बुनियादी सुविधाओं की कमी के कारण बच्चों की गतिविधियों और सेवाओं के संचालन में कठिनाइयां आती थीं। नए भवन के निर्माण से यह समस्या दूर हो गई है और केंद्र को स्थायी आधारभूत सुविधा मिल गई है।

बच्चों के लिए बेहतर माहौल

नवनिर्मित भवन में बड़ा हॉल, रसोईघर, स्टोर रूम, शौचालय, बाथरूम और पेयजल जैसी आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध हैं। पर्याप्त स्थान होने से प्री-स्कूल शिक्षा, खेलकूद, पोषण और अन्य विकासात्मक गतिविधियां व्यवस्थित रूप से संचालित की जा रही हैं।

वर्तमान में केंद्र से 35 बच्चे लाभान्वित हो रहे हैं, जिन्हें पोषण आहार और प्रारंभिक शिक्षा की सुविधाएं मिल रही हैं। बेहतर वातावरण मिलने से बच्चों की उपस्थिति और सहभागिता में भी वृद्धि हुई है।

माताओं और किशोरियों को भी लाभ

आंगनबाड़ी केंद्र के माध्यम से 5 गर्भवती माताओं को स्वास्थ्य जांच और पोषण परामर्श की सुविधा मिल रही है, जबकि 17 किशोरी बालिकाएं स्वास्थ्य एवं पोषण शिक्षा से जुड़ी सेवाओं का लाभ उठा रही हैं। नए भवन से इन सभी हितग्राहियों को सुरक्षित और सुविधाजनक वातावरण उपलब्ध हुआ है।

ग्रामीण विकास का उदाहरण बना केंद्र

आंगनबाड़ी कार्यकर्ता रजनी पैकरा ने बताया कि पहले जगह की कमी के कारण बच्चों को बैठाने और गतिविधियां संचालित करने में परेशानी होती थी, लेकिन अब पर्याप्त स्थान और सुविधाओं के कारण कार्य सुचारू रूप से हो रहा है।

सलकापारा आंगनबाड़ी केंद्र योजनाओं के प्रभावी अभिसरण से तैयार हुई ऐसी स्थायी परिसंपत्ति बन गया है, जिसने बाल पोषण, प्रारंभिक शिक्षा, मातृ स्वास्थ्य और किशोरी सशक्तिकरण को एक साथ मजबूत करने का काम किया है। साथ ही भवन निर्माण के जरिए स्थानीय स्तर पर रोजगार सृजन को भी बढ़ावा मिला है।

शेयर करें

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *