रायपुर | छत्तीसगढ़ में स्मार्ट मीटर और बढ़ते बिजली बिल के मुद्दे को लेकर कांग्रेस ने प्रदेशव्यापी आंदोलन का ऐलान किया है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने शुक्रवार को प्रेसवार्ता कर बताया कि आंदोलन की शुरुआत 1 अगस्त 2026 से होगी और यह करीब दो महीने तक चरणबद्ध तरीके से चलाया जाएगा।
महंगी बिजली को लेकर सरकार पर निशाना
दीपक बैज ने भाजपा सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा कि प्रदेश की जनता महंगे बिजली बिलों से परेशान है। उन्होंने कहा कि स्मार्ट मीटर जनता के लिए परेशानी का कारण बन गए हैं और बिजली दरों में लगातार बढ़ोतरी से आम लोगों पर आर्थिक बोझ बढ़ रहा है।
उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ बिजली उत्पादन में सक्षम राज्य है, इसके बावजूद उपभोक्ताओं को सस्ती बिजली का लाभ नहीं मिल रहा है। कई लोगों को बढ़े हुए बिजली बिलों की शिकायतें मिल रही हैं।
कांग्रेस ने रखीं ये प्रमुख मांगें
कांग्रेस ने सरकार के सामने कई मांगें रखी हैं, जिनमें प्रमुख रूप से शामिल हैं—
- 400 यूनिट तक हाफ बिजली बिल योजना दोबारा लागू की जाए।
- स्मार्ट मीटर लगाने की प्रक्रिया तत्काल रोकी जाए।
- जिन उपभोक्ताओं के घरों में जबरन स्मार्ट मीटर लगाए गए हैं, उन्हें हटाया जाए।
- स्मार्ट मीटर को अनिवार्य नहीं बल्कि उपभोक्ताओं की इच्छा पर आधारित किया जाए।
1 अगस्त से जिलों में शुरू होगा अभियान
कांग्रेस के अनुसार आंदोलन की शुरुआत 1 अगस्त को सभी जिलों में प्रेसवार्ता के साथ होगी। इसके बाद पार्टी कार्यकर्ता घर-घर जाकर लोगों से संपर्क करेंगे और महंगी बिजली व स्मार्ट मीटर के विरोध में समर्थन जुटाएंगे।
आंदोलन के अगले चरण में पंचायत, ब्लॉक और जिला स्तर पर प्रदर्शन किए जाएंगे। कांग्रेस ने घोषणा की है कि दो महीने बाद इस मुद्दे को लेकर मुख्यमंत्री निवास का घेराव किया जाएगा।
दीपक बैज ने स्मार्ट मीटर योजना पर हमला बोलते हुए इसे जनता पर अतिरिक्त बोझ बताया और सरकार से इसे तत्काल वापस लेने की मांग की।