रायपुर | छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने शुक्रवार को संसद भवन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात कर राज्य के विकास और विशेष रूप से बस्तर क्षेत्र के समग्र विकास को लेकर विस्तृत चर्चा की। मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री के सामने ‘बस्तर विजन’ का रोडमैप रखा और कई महत्वपूर्ण परियोजनाओं के लिए केंद्र सरकार से सहयोग का आग्रह किया।
मुख्यमंत्री साय ने तीन प्रमुख मांगों पर प्रधानमंत्री का ध्यान आकर्षित किया। इनमें राजनांदगांव में प्रस्तावित 10,500 करोड़ रुपये की गैस आधारित यूरिया परियोजना को जल्द मंजूरी, 461 गांवों को स्थायी बिजली ग्रिड से जोड़ने के लिए केंद्रीय सहायता और रायपुर अथवा बस्तर में ऑल इंडिया इंस्टीट्यूट ऑफ आयुर्वेद (AIIA) की स्थापना शामिल है।
बस्तर में विकास की नई तस्वीर
मुख्यमंत्री ने बताया कि ‘नियद नेल्ला नार 2.0’ और ‘बस्तर मुहिम’ के माध्यम से बस्तर संभाग के 5,542 गांवों में सरकारी योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन किया जा रहा है। इन योजनाओं से करीब 39 लाख लोगों को लाभ मिल रहा है। उन्होंने कहा कि अब क्षेत्र के लोगों तक राशन, आयुष्मान भारत, जनधन, वनाधिकार और प्रधानमंत्री आवास जैसी योजनाओं का लाभ पहुंच रहा है।
शिक्षा और स्वास्थ्य क्षेत्र में बड़े बदलाव
सीएम साय ने प्रधानमंत्री को बताया कि नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में बंद पड़े 421 स्कूलों को फिर से शुरू किया गया है। दंतेवाड़ा की तर्ज पर ओरछा और जगरगुंडा में नई एजुकेशन सिटी विकसित की जा रही है।
स्वास्थ्य क्षेत्र में उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री स्वस्थ बस्तर अभियान के तहत अब तक 34 लाख से अधिक लोगों की स्वास्थ्य जांच की जा चुकी है। जगदलपुर में सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल और गीदम में मेडिकल कॉलेज संचालित हो रहे हैं, जबकि राज्य में स्वास्थ्य सुविधाओं का लगातार विस्तार किया जा रहा है।
सड़क, रेल और हवाई कनेक्टिविटी को मिल रही गति
मुख्यमंत्री ने कहा कि कभी नक्सल हिंसा के लिए पहचाने जाने वाले बस्तर में अब विकास की नई कहानी लिखी जा रही है। क्षेत्र में सड़क, रेल, बिजली और हवाई संपर्क का विस्तार हो रहा है।
उन्होंने बताया कि 3,513 करोड़ रुपये की लागत से जगदलपुर-रावघाट रेललाइन परियोजना पर काम जारी है। इसके अलावा रायपुर-विशाखापट्टनम एक्सप्रेस-वे के अंतिम चरण और इंद्रावती नदी पर प्रस्तावित बैराज परियोजना की जानकारी भी प्रधानमंत्री को दी गई। इस बैराज से करीब 32 हजार हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई सुविधा उपलब्ध होने की संभावना है।
बस्तर की संस्कृति और पर्यटन को मिलेगा वैश्विक मंच
मुख्यमंत्री ने बस्तर दशहरा, चित्रकोट जलप्रपात और तीरथगढ़ जैसे पर्यटन स्थलों को अंतरराष्ट्रीय पहचान दिलाने की योजनाओं की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि बस्तर ओलंपिक में चार लाख से अधिक युवाओं की भागीदारी ने क्षेत्र में विश्वास और सकारात्मक वातावरण को मजबूत किया है।
छत्तीसगढ़ में निवेश को बढ़ावा
मुख्यमंत्री ने राज्य में बढ़ते निवेश का उल्लेख करते हुए बताया कि औद्योगिक विकास नीति 2024-30 लागू होने के बाद करीब 8 लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं। उन्होंने कहा कि राज्य में पहली बार एआई डेटा सेंटर पार्क, सेमीकंडक्टर प्लांट, हाइपरस्केल डेटा सेंटर, इलेक्ट्रॉनिक उपकरण निर्माण और अन्य आधुनिक उद्योग स्थापित हो रहे हैं।
उन्होंने बताया कि छत्तीसगढ़ को नीति आयोग के इन्वेस्टमेंट फ्रेंडलीनेस इंडेक्स में नियामकीय और संस्थागत माहौल के लिए देश में पहला स्थान मिला है। साथ ही राज्य ने ईज ऑफ डूइंग बिजनेस एक्ट-2026 लागू किया है, जिसमें सेल्फ सर्टिफिकेशन और समयबद्ध अनुमतियों जैसी व्यवस्थाओं को कानूनी आधार दिया गया है।
महिला सशक्तिकरण और एआई मिशन पर जोर
सीएम साय ने बताया कि छत्तीसगढ़ में अब तक 10.42 लाख महिलाओं को लखपति दीदी बनाया जा चुका है। सरकार का लक्ष्य अगले चरण में 14 लाख और महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाना है। उन्होंने वर्ष 2027 में रायपुर में प्रस्तावित लखपति दीदी सम्मेलन में प्रधानमंत्री को आमंत्रित किया।
मुख्यमंत्री ने यह भी बताया कि राज्य 500 करोड़ रुपये के एआई मिशन के माध्यम से आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित सुशासन की दिशा में आगे बढ़ रहा है।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन और केंद्र सरकार के सहयोग से छत्तीसगढ़ में विकास कार्यों को नई गति मिली है। उन्होंने विश्वास जताया कि राज्य की प्रमुख परियोजनाओं को केंद्र से सकारात्मक सहयोग मिलेगा।