रायपुर। रायपुर के नकटी गांव में अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई के बाद सियासत तेज हो गई है। मंगलवार को पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल और प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज प्रभावित परिवारों के बीच पहुंचे और उनकी समस्याएं सुनीं। इस दौरान कई परिवारों ने कार्रवाई के दौरान हुई परेशानियों को लेकर अपनी पीड़ा साझा की।
कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष दीपक बैज ने प्रभावित परिवारों से मुलाकात के दौरान कहा कि कांग्रेस इस मुश्किल समय में उनके साथ खड़ी है। उन्होंने कहा कि घटना की जानकारी मिलने के बाद कांग्रेस ने तत्काल मामले को उठाया था। उन्होंने प्रशासन की कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए कहा कि गरीबों के घर तोड़कर किसी भी विकास कार्य को सही नहीं ठहराया जा सकता।
बैज ने आरोप लगाया कि सरकार विधायक और अधिकारियों के लिए आवास बनाने की तैयारी कर रही है, लेकिन इसके लिए गरीब परिवारों के आशियाने उजाड़ना गलत है। उन्होंने कहा कि किसी का घर तोड़कर किसी दूसरे का घर नहीं बनना चाहिए।
उन्होंने स्पष्ट किया कि कांग्रेस यहां राजनीति करने नहीं, बल्कि प्रभावित लोगों के अधिकारों की लड़ाई लड़ने आई है। बैज ने कहा कि आगामी विधानसभा सत्र में नकटी गांव का मुद्दा प्रमुखता से उठाया जाएगा। इसके अलावा कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल कलेक्टर और राज्यपाल से भी मुलाकात करेगा। समाधान नहीं निकलने पर आंदोलन की चेतावनी भी दी गई।
दीपक बैज ने भाजपा विधायक अनुज शर्मा और सांसद बृजमोहन अग्रवाल पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि जनप्रतिनिधियों को इस मामले में जवाब देना चाहिए कि प्रभावित परिवारों के घर क्यों नहीं बचाए गए।
वहीं पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने भी राज्य सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रशासन ने गरीब परिवारों के मकानों पर कार्रवाई की, जबकि प्रभावशाली लोगों के खिलाफ समान कार्रवाई नहीं हुई।
भूपेश बघेल ने कहा कि सरकार ने गरीबों पर बुलडोजर चलाकर अपनी ताकत दिखाने का काम किया है। उन्होंने मांग की कि जिन परिवारों के घर टूटे हैं, उन्हें उचित मुआवजा दिया जाए और उनके पुनर्वास की व्यवस्था की जाए।
उन्होंने कहा कि किसी भी कार्रवाई से पहले प्रभावित लोगों के रहने और आजीविका की व्यवस्था करना प्रशासन की जिम्मेदारी थी। कांग्रेस ने पूरे मामले को विधानसभा में उठाने और प्रभावित परिवारों के लिए आगे की लड़ाई लड़ने की बात कही है।