कांग्रेस विधायकों को तेलंगाना में बंद, नाथवानी के मैदान में उतरने से चुनावी हलचल तेज

झारखंड। झारखंड राज्यसभा चुनाव 2026 में दो सीटों के लिए सियासी पारा बढ़ गया है। झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM) ने अपने उम्मीदवार बैजनाथ राम को मैदान में उतारा है, जबकि कांग्रेस ने प्रणव झा पर भरोसा जताया है। बहुमत न होने के कारण बीजेपी ने कोई औपचारिक घोषणा नहीं की, लेकिन निर्दलीय उम्मीदवार परिमल नाथवानी के मैदान में आने के बाद राजनीतिक हलचल तेज हो गई है।

नाथवानी की एंट्री से ‘हॉर्स ट्रेड‍िंंग’ की आशंका बढ़ गई है और कांग्रेस ने अपने सभी 16 विधायकों को क्रॉस वोटिंग से बचाने के लिए तेलंगाना के एक रिसॉर्ट में भेजने की रणनीति बनाई है। सभी विधायक 18 अगस्त को मतदान होने तक वहीं रहेंगे।

बीजेपी के नेतृत्व वाले एनडीए ने नाथवानी को अपना समर्थन देने का ऐलान किया है। नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी का कहना है कि एनडीए के पास 24 विधायक हैं, जबकि जीत के लिए 28 की आवश्यकता है। पूरी संख्या न होने के कारण निर्दलीय नाथवानी का समर्थन देने का निर्णय लिया गया है।

झारखंड विधानसभा में सत्तारूढ़ महागठबंधन के पास 56 विधायकों की संख्या है, जिसमें JMM के 34, कांग्रेस के 16, राजद के 4 और भाकपा (माले) के 2 सदस्य शामिल हैं। वहीं, एनडीए के पास केवल 24 विधायक हैं, जिनमें भाजपा के 21 और लोजपा, आजसू और जदयू के एक-एक सदस्य शामिल हैं।

सियासी सूत्रों का कहना है कि क्रॉस वोटिंग की आशंका कांग्रेस की सबसे बड़ी चिंता है। नाथवानी का दावा है कि उनके 10 प्रस्तावक हैं और वे राज्यसभा चुनाव में जीत हासिल कर सकते हैं। हालांकि, उन्हें अभी भी कम से कम 3 विधायकों की मदद की आवश्यकता है।

राज्यसभा चुनाव का मतदान 18 अगस्त को होगा, और इस बार का मुकाबला रिजॉर्ट पॉलिटिक्स और सियासी जुगाड़ का मंथन साबित होने वाला है।

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