नई दिल्ली | BRICS को लेकर वरिष्ठ कांग्रेस नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री पी. चिदंबरम के बयान के बाद शुरू हुए राजनीतिक विवाद के बीच कांग्रेस ने अपना रुख स्पष्ट किया है। पार्टी ने BRICS को एक महत्वपूर्ण अंतरराष्ट्रीय मंच बताते हुए कहा कि भारत को इसका इस्तेमाल अधिक न्यायसंगत और संतुलित वैश्विक व्यवस्था के निर्माण के लिए करना चाहिए।
दरअसल, चिदंबरम ने हाल ही में सवाल उठाया था कि पिछले कुछ BRICS सम्मेलनों से भारत को आखिर क्या ठोस फायदा मिला। उनके इस बयान को लेकर बीजेपी ने कांग्रेस पर निशाना साधा और चिदंबरम को लेकर ‘नाराज फूफा’ जैसी टिप्पणी भी की। विवाद बढ़ने के बाद कांग्रेस ने एक पत्र जारी कर BRICS पर अपनी आधिकारिक स्थिति सामने रखी है।
कांग्रेस ने BRICS को बताया अहम मंच
कांग्रेस ने कहा कि वह BRICS का स्वागत करती है और भारत को इस मंच पर अपने राष्ट्रीय हितों की रक्षा के साथ-साथ वैश्विक स्तर पर नैतिक नेतृत्व और रणनीतिक स्पष्टता दिखानी चाहिए।
पार्टी का कहना है कि BRICS का उद्देश्य सिर्फ घोषणाओं तक सीमित नहीं रहना चाहिए। भारत को इस मंच के जरिए ठोस और प्रभावी कदमों की दिशा में काम करना चाहिए।
‘ग्लोबल साउथ की आवाज बने भारत’
कांग्रेस ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘ग्लोबल साउथ की आवाज’ बनने के आह्वान का भी उल्लेख किया। पार्टी ने कहा कि भारत को ग्लोबल साउथ के देशों के साथ मजबूती से खड़ा होना चाहिए और ग्लोबल नॉर्थ तथा ग्लोबल साउथ के बीच एक विश्वसनीय पुल की भूमिका निभानी चाहिए।
कांग्रेस ने पूर्व प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह की विदेश नीति का भी जिक्र किया और कहा कि उनके कार्यकाल में भारत ने BRICS जैसे मंचों पर अपनी भूमिका को आगे बढ़ाया था।
ईरान और पश्चिम एशिया के मुद्दे पर भी सवाल
कांग्रेस ने BRICS में भारत की कूटनीतिक भूमिका को लेकर मोदी सरकार से अधिक स्पष्टता की मांग की। पार्टी ने ईरान, पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष और BRICS के संस्थापक सदस्य दक्षिण अफ्रीका से जुड़े मुद्दों पर भारत की भूमिका को लेकर भी सवाल उठाए।
पार्टी का कहना है कि भारत को अपने राष्ट्रीय हितों को मजबूती से आगे बढ़ाते हुए वैश्विक दक्षिण के देशों के हितों की भी पैरवी करनी चाहिए।
चिदंबरम के बयान से शुरू हुआ विवाद
पी. चिदंबरम ने BRICS और QUAD जैसे अंतरराष्ट्रीय मंचों को लेकर सवाल उठाते हुए कहा था कि पिछले दो-तीन BRICS सम्मेलनों से उन्हें भारत के लिए कोई ठोस फायदा या वास्तविक परिणाम नजर नहीं आया।
उनके बयान के बाद बीजेपी ने कांग्रेस पर निशाना साधा। हालांकि अब कांग्रेस ने साफ किया है कि वह BRICS के खिलाफ नहीं है, बल्कि भारत से इस मंच पर अधिक प्रभावी और रणनीतिक भूमिका निभाने की अपेक्षा करती है।
इस तरह कांग्रेस ने चिदंबरम के बयान से पैदा हुए विवाद के बीच BRICS को लेकर अपनी स्थिति स्पष्ट करते हुए सरकार से भारत के प्रभाव को और मजबूत करने की अपील की है।