दंतेवाड़ा | जिला कार्यालय के डंकनी सभाकक्ष में कलेक्टर देवेश कुमार ध्रुव ने राजस्व अधिकारियों की महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक ली। बैठक में उन्होंने राज्य शासन की प्राथमिकता वाले कार्यों में तेजी लाने और किसी भी प्रकार की लापरवाही नहीं बरतने के निर्देश दिए।
कलेक्टर ने कहा कि आगामी मुख्य सचिव की बैठक में जिले के महत्वपूर्ण एजेंडों की समीक्षा की जाएगी। ऐसे में एग्रीस्टेक, बस्तर मुन्ने अभियान, नगरीय निकायों में सर्वे सहित अन्य प्राथमिकता वाले कार्यों को समय सीमा में पूरा करना सुनिश्चित किया जाए।
उन्होंने सभी राजस्व अधिकारियों को निर्देशित किया कि वे अपने अधीनस्थ कर्मचारियों को स्पष्ट लक्ष्य निर्धारित कर जिम्मेदारी सौंपें, ताकि लंबित राजस्व प्रकरणों का जल्द निराकरण किया जा सके। साथ ही सभी अनुविभागीय अधिकारियों को प्रतिदिन कार्यों की प्रगति रिपोर्ट लेने के निर्देश दिए गए।
राजस्व कार्यों की हुई विस्तृत समीक्षा
बैठक में खसरा, बी-1 और नक्शों के शत-प्रतिशत वितरण, नक्शा बटांकन, नक्शों के डिजिटाइजेशन, आधुनिक रिकॉर्ड रूम की प्रगति, स्वामित्व योजना और एग्रीस्टेक जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा की गई।
इसके अलावा राजस्व रिकॉर्ड दुरुस्ती के बाद ही प्रकरणों को नस्तीबद्ध करने, ऑटो डायवर्सन, नारंगी क्षेत्र सर्वेक्षण, धार्मिक स्थलों में अतिक्रमण, रक्षा मंत्रालय की भूमि के नामांतरण, रेलवे परियोजनाओं के लिए भूमि अधिग्रहण और अतिक्रमण से जुड़े मामलों की भी समीक्षा की गई।
कलेक्टर ने न्यायालयीन प्रकरणों, ई-कोर्ट में लंबित मामलों, आई-गोट प्रशिक्षण, नगरीय निकायों में पट्टा वितरण के लिए सर्वे कार्य, नामांतरण, बंटवारा, सीमांकन, व्यपवर्तन, धारा 115 त्रुटि सुधार और धारा 114 गलत प्रविष्टि जैसे विषयों की प्रगति की जानकारी ली।
किसानों और भूमि अभिलेख से जुड़े मामलों पर जोर
बैठक में मृत वन पट्टाधारी कृषकों का पीएम किसान सम्मान निधि योजना के तहत शत-प्रतिशत पंजीयन, किसान किताब में आधार, मोबाइल और जेंडर प्रविष्टि, डिजिटल हस्ताक्षरित खसरे, भू-अभिलेख अद्यतन, डीआईएलआरएमपी (Digital India Land Records Modernization Programme), भूमिहीन कृषि मजदूर योजना और वन अधिकार पत्रों से संबंधित मामलों की भी समीक्षा की गई।
कलेक्टर ने भू-अर्जन प्रकरणों, मुआवजा वितरण, राजस्व पुस्तक परिपत्र (6-4) के तहत क्षति मुआवजा, उपयोगिता प्रमाण पत्र और लोक सेवा गारंटी के मामलों को भी समय पर पूरा करने के निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि सभी लंबित मामलों की प्रगति पर लगातार निगरानी रखी जाए और आगामी समीक्षा बैठक में कार्यों की स्थिति दोबारा प्रस्तुत की जाएगी।
बैठक में अपर कलेक्टर राजेश पात्रे, सभी अनुविभागीय अधिकारी, तहसीलदार, नायब तहसीलदार और रीडर सहित अन्य राजस्व अधिकारी उपस्थित रहे।