रायपुर। छत्तीसगढ़ के नए विधानसभा भवन में फॉल्स सीलिंग गिरने की घटना ने भवन निर्माण की गुणवत्ता और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। घटना मुख्य सदन से लगे एक अधिकारी के कक्ष में हुई, जहां फॉल्स सीलिंग के साथ स्टील के पाइप और फ्रेम भी नीचे आ गिरे। राहत की बात यह रही कि घटना के समय कमरे में कोई मौजूद नहीं था, जिससे बड़ा हादसा टल गया।
घटना के बाद क्षतिग्रस्त हिस्से की मरम्मत का कार्य शुरू कर दिया गया है। हालांकि, इस घटना ने करोड़ों रुपये की लागत से निर्मित विधानसभा भवन की गुणवत्ता पर बहस छेड़ दी है और तकनीकी जांच की मांग तेज हो गई है।
इसी बीच सूचना के अधिकार (RTI) के तहत सामने आई जानकारी ने मामले को और गंभीर बना दिया है। लोक निर्माण विभाग (PWD) ने अपने जवाब में बताया है कि नए विधानसभा भवन का उपयोगिता प्रमाण पत्र (Occupancy/Utility Certificate) उपलब्ध नहीं है। इस खुलासे के बाद भवन के उपयोग और निर्माण प्रक्रिया पर भी सवाल उठने लगे हैं।
विशेषज्ञों का कहना है कि किसी भी सार्वजनिक भवन को उपयोग में लाने से पहले निर्धारित तकनीकी मानकों के अनुसार परीक्षण और औपचारिक प्रमाणन आवश्यक होता है। ऐसे में फॉल्स सीलिंग गिरने की घटना और उपयोगिता प्रमाण पत्र की अनुपलब्धता ने भवन की संरचनात्मक सुरक्षा और निर्माण गुणवत्ता को लेकर नई चिंताएं पैदा कर दी हैं।