बिलासपुर। छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में कोयले की हेराफेरी करने वाले एक संगठित गिरोह का खुलासा हुआ है। जांच में सामने आया है कि ट्रांसपोर्ट के दौरान बीच रास्ते ट्रकों से असली कोयले की अदला-बदली कर दी जाती थी, जिससे कंपनी को लाखों रुपये का नुकसान हुआ।
यह मामला भाटिया एनर्जी एंड कोल बेनिफिकेशन से जुड़ा है, जहां कारखाना प्रबंधन ने कोयले की गुणवत्ता जांच के दौरान गड़बड़ी पकड़ी और इसके बाद पुलिस को सूचना दी।
सूत्रों के मुताबिक, 9 जून को दीपका कोल माइंस से एफ/जी ग्रेड का कोयला भाटिया एनर्जी एंड कोल बेनिफिकेशन के लिए भेजा गया था। अगले दिन सुबह जब तीन ट्रक—सीजी 10 बीक्यू 8285, सीजी 12 बीएल 6247 और सीजी 12 बीएल 6251—से कोयला पहुंचा तो लैब जांच में कोयले की गुणवत्ता संदिग्ध पाई गई।
जांच में सामने आया कि ट्रक चालकों और कोल डिपो से जुड़े कुछ लोगों की मिलीभगत से रास्ते में ही असली कोयले को बदलकर मिलावटी कोयला भर दिया जाता था। इस गड़बड़ी से कंपनी को 25 लाख रुपये से अधिक का नुकसान हुआ है।
मामले की शिकायत के बाद सकरी पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए कोल डिपो संचालक, सुपरवाइजर, ट्रक मालिक और ड्राइवरों सहित कुल 6 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। अन्य आरोपियों की तलाश जारी है।
पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ संबंधित धाराओं में मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। वहीं कंपनी प्रबंधन ने पुलिस की कार्रवाई की सराहना करते हुए वरिष्ठ अधिकारियों का आभार जताया है।