रायपुर। हिंदी पत्रकारिता के 200 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में रायपुर प्रेस क्लब द्वारा शनिवार को ‘पत्रकारिता गौरव मार्तंड उत्सव’ का आयोजन किया गया। श्रीराम मंदिर के सुंदर सदन में आयोजित इस कार्यक्रम में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। कार्यक्रम में पत्रकारिता, साहित्य और समाज से जुड़े अनेक विशिष्ट व्यक्तियों ने भाग लिया और हिंदी पत्रकारिता की गौरवशाली यात्रा, उपलब्धियों तथा भविष्य की चुनौतियों पर अपने विचार रखे।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने अपने संबोधन में कहा कि हिंदी पत्रकारिता ने देश की आजादी की लड़ाई से लेकर लोकतंत्र को मजबूत बनाने तक महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। उन्होंने कहा कि पत्रकार लोकतंत्र के सच्चे प्रहरी हैं और पत्रकारिता ही लोकतंत्र का चौथा स्तंभ है। मुख्यमंत्री ने बताया कि 1826 में शुरू हुए देश के पहले हिंदी समाचार पत्र ‘उदंत मार्तंड’ ने भारतीय पत्रकारिता की मजबूत नींव रखी थी।
उन्होंने महात्मा गांधी, लोकमान्य बाल गंगाधर तिलक, सुभाषचंद्र बोस और माधवराव सप्रे जैसे स्वतंत्रता सेनानियों का उल्लेख करते हुए कहा कि इन महान व्यक्तित्वों ने पत्रकारिता को सामाजिक जागरण और राष्ट्रीय चेतना का प्रभावी माध्यम बनाया। मुख्यमंत्री ने विशेष रूप से छत्तीसगढ़ के साहित्यकार एवं पत्रकार माधवराव सप्रे को याद करते हुए कहा कि उन्होंने ‘छत्तीसगढ़ मित्र’ के माध्यम से स्वतंत्रता आंदोलन में जनजागरण का कार्य किया।
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद के खिलाफ चल रहे अभियान में मीडिया की भूमिका भी बेहद महत्वपूर्ण रही है। बस्तर की वास्तविक तस्वीर देश-दुनिया तक पहुंचाने में पत्रकारों ने अहम योगदान दिया है, जिसे कभी भुलाया नहीं जा सकता।
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने पत्रकारों के हित में बड़ी घोषणा करते हुए रायपुर प्रेस क्लब को 1 करोड़ रुपये की आर्थिक सहायता देने की मंजूरी दी। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार पत्रकारों के कल्याण और उनकी सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए लगातार प्रयास कर रही है।
इस अवसर पर वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने कहा कि पत्रकारिता का मूल धर्म समाज और राष्ट्र को सही दिशा देना है। वहीं वरिष्ठ पत्रकार और इंडिया हैबिटेट सेंटर के निदेशक डॉ. के.जी. सुरेश ने कहा कि बदलते डिजिटल दौर में पत्रकारिता को तथ्य आधारित और शोधपरक बनाए रखना समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है।
कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने पत्रकारिता के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान देने वाले कई वरिष्ठ पत्रकारों को लाइफटाइम अचीवमेंट अवॉर्ड से सम्मानित किया। साथ ही हिंदी पत्रकारिता के 200 वर्ष पूरे होने पर प्रकाशित विशेषांक, रायपुर प्रेस क्लब की पत्रकार डायरेक्टरी और लेखक दिनेश यदु की पुस्तक ‘मैं अगहन हूं’ का विमोचन भी किया गया।