रायपुर। छत्तीसगढ़ विधानसभा का मानसून सत्र 13 जुलाई 2026 से शुरू होने जा रहा है। सत्र से पहले राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने विधानसभा अध्यक्ष रमन सिंह से स्पीकर हाउस पहुंचकर मुलाकात की। दोनों नेताओं के बीच करीब एक घंटे से अधिक समय तक चर्चा हुई।
बताया जा रहा है कि बैठक में आगामी विधानसभा सत्र की तैयारियों, सदन के सुचारु संचालन और विभिन्न व्यवस्थाओं को लेकर चर्चा की गई। मुलाकात के बाद मुख्यमंत्री साय स्पीकर हाउस से सीधे मंत्रालय के लिए रवाना हो गए।
वहीं, नेता प्रतिपक्ष चरणदास महंत ने भी विधानसभा अध्यक्ष रमन सिंह से मुलाकात की। इस मुलाकात को मानसून सत्र के दौरान सदन की कार्यवाही और विपक्ष की रणनीति के लिहाज से अहम माना जा रहा है।
पांच दिवसीय मानसून सत्र में 1033 सवाल
छत्तीसगढ़ विधानसभा का मानसून सत्र पांच दिनों तक चलेगा। अब तक विधायकों की ओर से 1,033 प्रश्न लगाए जा चुके हैं। सत्र के दौरान प्रश्नकाल, शून्यकाल और ध्यानाकर्षण प्रस्तावों के जरिए सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी बहस होने की संभावना है।
कई मुद्दों पर सरकार को घेरने की तैयारी
कांग्रेस ने मानसून सत्र में कानून-व्यवस्था, किसानों की समस्याओं, बिजली-पानी संकट, सड़क निर्माण, मानसून के दौरान व्यवस्थाओं और अन्य जनहित के मुद्दों को उठाने की तैयारी की है।
विपक्ष खासतौर पर खरीफ सीजन में खाद-बीज की उपलब्धता, सिंचाई व्यवस्था, बिजली आपूर्ति और धान खरीदी की तैयारियों को लेकर सरकार से जवाब मांग सकता है।
नकटी भूमि विवाद भी बन सकता है मुद्दा
रायपुर के नकटी गांव में अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई, विस्थापन और विधायक आवास के लिए प्रस्तावित भूमि से जुड़ा विवाद भी विधानसभा में उठने के आसार हैं। कांग्रेस इस मुद्दे को लेकर सरकार की कार्यशैली पर सवाल खड़े करने की तैयारी में है।
मानसून सत्र में सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच कई मुद्दों पर जोरदार बहस देखने को मिल सकती है।