रक्षाबंधन पर CM रेखा गुप्ता का बड़ा तोहफा, 4 हजार महिलाओं को मिले स्वीकृति पत्र; 1 सितंबर से खातों में आएंगे 2,500

नई दिल्ली। रक्षाबंधन से पहले दिल्ली सरकार ने महिलाओं के लिए दिल्ली लक्ष्मी योजना की शुरुआत करते हुए बड़ी सौगात दी है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने योजना के तहत पात्र महिलाओं को स्वीकृति प्रमाण पत्र वितरित किए। शुरुआती चरण में 4 हजार महिलाओं को स्वीकृति पत्र दिए जा रहे हैं। सरकार के अनुसार, योजना की राशि 1 सितंबर 2026 से लाभार्थियों के बैंक खातों में पहुंचनी शुरू हो जाएगी।

योजना के तहत पात्र महिलाओं को हर महीने  2,500 की आर्थिक सहायता दी जाएगी। सरकार का कहना है कि इस सहायता का उद्देश्य महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूत करना और उन्हें आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में आगे बढ़ाना है।

9.22 लाख महिलाओं ने कराया रजिस्ट्रेशन

मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के मुताबिक, दिल्ली लक्ष्मी योजना को 1 अगस्त से लागू किया गया है। अब तक 9 लाख 22 हजार महिलाओं ने ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन कराया है। इनमें से 6 लाख से अधिक महिलाओं को पात्र सूची में शामिल किया जा चुका है। शुरुआती चरण में सत्यापन और स्वीकृति की प्रक्रिया पूरी करने वाली महिलाओं को प्रमाण पत्र दिए जा रहे हैं।

योजना के तहत मिलने वाली  2,500 की राशि को दो हिस्सों में देने की व्यवस्था की गई है। इसमें  1,000 हर महीने वॉलेट में उपलब्ध कराए जाएंगे, जबकि  1,500 की एफडी कराई जाएगी। एफडी की राशि महिलाओं को प्रत्येक तीन साल बाद मिलने की बात सरकार की ओर से कही गई है।

महिलाओं के चेहरों पर दिखी खुशी

स्वीकृति प्रमाण पत्र वितरण कार्यक्रम में बड़ी संख्या में लाभार्थी महिलाएं पहुंचीं। महिलाओं ने योजना को आर्थिक राहत देने वाली पहल बताया। कई महिलाएं ‘धन्यवाद रेखा दीदी, धन्यवाद मोदी’ लिखी तख्तियां लेकर कार्यक्रम में पहुंचीं।

लाभार्थी महिलाओं का कहना है कि हर महीने मिलने वाली आर्थिक सहायता से घरेलू जरूरतों और अन्य जरूरी खर्चों को पूरा करने में मदद मिलेगी। महिलाओं ने इसे आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया।

इसलिए रखा गया ‘दिल्ली लक्ष्मी योजना’ नाम

मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने योजना के नाम की वजह बताते हुए कहा कि महिलाओं को लक्ष्मी का प्रतीक माना जाता है। इसी सोच के साथ योजना का नाम ‘दिल्ली लक्ष्मी योजना’ रखा गया है। उन्होंने कहा कि योजना का उद्देश्य आर्थिक सहायता के माध्यम से महिलाओं के घर तक आर्थिक मजबूती पहुंचाना है।

मुख्यमंत्री ने महिला सशक्तिकरण को सरकार की प्राथमिकता बताते हुए कहा कि महिलाओं की आर्थिक और सामाजिक स्थिति मजबूत होने से परिवार और समाज दोनों आगे बढ़ेंगे।

‘हर बेटी होगी लखपति बिटिया’ योजना का भी किया जिक्र

कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने महिलाओं और बेटियों के लिए सरकार की अन्य योजनाओं की भी जानकारी दी। उन्होंने ‘हर बेटी होगी लखपति बिटिया’ योजना का जिक्र करते हुए कहा कि बेटी के जन्म से लेकर उसकी उच्च शिक्षा तक सरकार आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने की दिशा में काम कर रही है। ग्रेजुएशन पूरा करने के बाद बेटी को एक लाख रुपये से अधिक की राशि मिलने की बात भी कही गई।

1.30 लाख बेटियों को साइकिल

मुख्यमंत्री ने बताया कि दिल्ली में करीब 1.30 लाख बेटियों को साइकिल उपलब्ध कराई जा रही है। इसका उद्देश्य छात्राओं के लिए स्कूल आने-जाने की सुविधा बढ़ाना और उनकी पढ़ाई को आसान बनाना है।

इसके अलावा नौकरीपेशा महिलाओं के छोटे बच्चों की देखभाल के लिए ‘पालना’ योजना का भी उल्लेख किया गया। सरकार के मुताबिक, इसके जरिए कामकाजी महिलाओं को बच्चों की सुरक्षित देखभाल की सुविधा उपलब्ध कराने का प्रयास है।

1 सितंबर से शुरू होगा भुगतान

दिल्ली लक्ष्मी योजना के लाभार्थियों के लिए सबसे अहम बात यह है कि 1 सितंबर 2026 से आर्थिक सहायता का भुगतान शुरू होने की तैयारी है। पात्रता और सत्यापन प्रक्रिया पूरी होने के बाद राशि सीधे लाभार्थी महिलाओं के खातों में ट्रांसफर की जाएगी। सरकार का दावा है कि योजना के जरिए महिलाओं को तत्काल आर्थिक सहायता के साथ भविष्य के लिए बचत का लाभ भी मिलेगा।

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