कोलकाता। पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री और तृणमूल कांग्रेस (TMC) प्रमुख ममता बनर्जी के कोलकाता स्थित आवास पर सोमवार को CID की टीम पहुंची, जिससे राजनीतिक हलकों में हलचल मच गई है। यह कार्रवाई कथित ‘फर्जी सिग्नेचर’ मामले की जांच से जुड़ी बताई जा रही है।
जानकारी के अनुसार, CID ने इस मामले में पहले नोटिस जारी किया था और इसके बाद जांच के तहत टीम आवास पर पहुंची। इसी दौरान कालिघाट पुलिस थाने की पुलिस भी मौजूद रही। रिपोर्ट्स के मुताबिक, शुरुआत में सुरक्षा कर्मियों और जांच अधिकारियों के बीच प्रवेश को लेकर कुछ देर तक तनातनी की स्थिति भी बनी रही।
यह मामला विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष की मान्यता से जुड़े एक प्रस्ताव से संबंधित बताया जा रहा है। आरोप है कि इस प्रस्ताव में तृणमूल कांग्रेस के कुछ विधायकों के हस्ताक्षर फर्जी तरीके से किए गए थे।
सूत्रों के अनुसार, पार्टी की ओर से विधानसभा सचिवालय को भेजे गए पत्र में शोभनदेब चट्टोपाध्याय को नेता प्रतिपक्ष बनाए जाने का प्रस्ताव रखा गया था। बाद में इसी से जुड़े एक दूसरे पत्र में कई विधायकों के हस्ताक्षर शामिल थे, जिनमें से कुछ ने दावा किया कि उन्होंने किसी भी दस्तावेज पर हस्ताक्षर नहीं किए।
इस विवाद के सामने आने के बाद दो विधायकों ने विधानसभा स्पीकर से शिकायत की, जिसके आधार पर FIR दर्ज हुई और मामला CID को सौंप दिया गया।
इसी जांच के सिलसिले में CID की टीम अब ममता बनर्जी के आवास तक पहुंची है, जिससे राज्य की राजनीति में नया विवाद खड़ा हो गया है।