रायपुर। मुख्य सचिव विकासशील ने आज महानदी भवन (मंत्रालय) में राज्य शासन के सभी विभागों के सचिवों के साथ महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक की। बैठक में विभिन्न विभागों के कार्यों, योजनाओं के क्रियान्वयन और उनकी प्रगति की विस्तार से समीक्षा की गई।
मुख्य सचिव ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सेवा निवृत्त होने वाले अधिकारी-कर्मचारियों के प्रकरणों के निराकरण की प्रक्रिया समय से शुरू की जाए। उन्होंने कहा कि रिटायरमेंट से जुड़े मामलों की तैयारी कम से कम दो वर्ष पहले प्रारंभ कर दी जानी चाहिए। इसके लिए सभी विभागों को सेवा निवृत्त होने वाले अधिकारी-कर्मचारियों की विभागवार सूची को अद्यतन करने के निर्देश दिए गए हैं।
बैठक में मुख्य सचिव ने विभागीय योजनाओं की लगातार मॉनिटरिंग करने और उनके बेहतर क्रियान्वयन पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि शासन की सभी योजनाओं और सेवाओं को अधिक से अधिक ऑनलाइन किया जाए, ताकि आम लोगों को बेहतर और समयबद्ध सुविधाएं मिल सकें।
बैठक में ई-ऑफिस, आधार बेस्ड अटेंडेंस, लोक सेवा गारंटी, सूचना का अधिकार, सुघ्घर छत्तीसगढ़, नियद नेल्लानार योजना, पीएम प्रगति पोर्टल, ई-प्रगति, डी-रेगुलेशन ई-गजट, सेवा सेतु, ग्रामीण विकास योजनाएं और पीएम सूर्य घर बिजली योजना सहित कई महत्वपूर्ण योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की गई।
मुख्य सचिव ने अधिकारियों को आई-गॉट (iGOT) के तहत विभागवार चिन्हित प्रशिक्षण कार्यक्रमों की निगरानी करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि अधिकारी-कर्मचारियों को विभाग की जरूरत के अनुसार प्रशिक्षण उपलब्ध कराया जाए, जिससे प्रशासनिक कार्यों की गुणवत्ता में सुधार हो सके।
बैठक में वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग के अपर मुख्य सचिव मनोज कुमार पिंगुआ, गृह एवं जेल विभाग की प्रमुख सचिव निहारिका बारिक सिंह, आदिम जाति विकास विभाग के प्रमुख सचिव सोनमणि बोरा, मुख्यमंत्री एवं खनिज विभाग के सचिव पी. दयानंद, लोक निर्माण विभाग के सचिव मुकेश कुमार बंसल सहित विभिन्न विभागों के सचिव और वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
मुख्य सचिव की इस बैठक को प्रशासनिक व्यवस्था को और प्रभावी बनाने, योजनाओं की गति बढ़ाने और कर्मचारियों से जुड़े लंबित मामलों के समाधान की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।