रायपुर। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल कल शाम मंत्रिमंडल के सदस्यों, विधायकों, अन्य जनप्रतिनिधियों और मीडिया के साथियों के साथ राष्ट्रीय अवार्ड प्राप्त ‘भूलन द मेज” फिल्म देखी। उन्होंने फिल्म के निर्माता निदेशक एवं कलाकारों को बधाई दी।
मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा कि यह फिल्म गांव की व्यवस्थाओं को लेकर बनी है। भूलन कांदा जो जंगलों में पाया जाता है उस पर आधारित स्टोरी है। इसमें दिखाया गया है कि मूवी का हीरो भकला शहर में आकर किस प्रकार से गोल-गोल चक्कर लगा रहा है। दफ्तरों का चक्कर लगा रहा है । इस मूवी के कलाकारो ने अपनी प्रतिभा का अच्छा प्रदर्शन किया है और मैं समझता हूं कि यह मूवी सभी को देखनी चाहिए।
नेशनल फिल्म अवार्ड से सम्मानित फिल्म ‘भूलन द मेज” छत्तीसगढ़ की संस्कृति और लोकप्रचलित मान्यताओं को कहानी का रूप देकर लिखी गई संजीव बख्शी के उपन्यास भूलन कांदा पर यह फिल्म आधारित है। इसका निर्देशन मनोज वर्मा ने किया है। ऐसी लोकमान्यता छत्तीसगढ़ में है कि जंगल में भूलन के पौधे पर पैर पड़ जाने से आदमी रास्ता भूल जाता है।
एक कार्यक्रम में फिल्म के निर्देशक मनोज वर्मा ने कहा कि फिल्म में सिर्फ मनोरंजन होता तो तारीफ होना स्वाभाविक है लेकिन जब फिल्म हास्य और व्यंग्य के जरिए समाज और न्याय मिलने वाली प्रक्रिया पर कटाक्ष करे तो इसे नेक्स्ट लेवल का सिनेमा कहा जा सकता है। भूलन कांदा के जरिए यह संदेश दिया गया है कि हमारी न्याय व्यवस्था का पांव भी भूलन कांदा पर पड़ गया है और उसे छूकर जगाने की सख्त जरूरत है।