छत्तीसगढ़ सामाजिक अंकेक्षण बैठक: पारदर्शिता व जवाबदेही पर जोर

रायपुर। छत्तीसगढ़ सामाजिक अंकेक्षण इकाई (Social Audit Unit) की सामान्य सभा की बैठक मंगलवार को मंत्रालय महानदी भवन में मुख्य सचिव विकासशील की अध्यक्षता में आयोजित हुई। बैठक में सामाजिक अंकेक्षण प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी और जवाबदेह बनाने को लेकर महत्वपूर्ण चर्चा हुई।

मुख्य सचिव ने निर्देश दिए कि सामाजिक अंकेक्षण के दौरान प्राप्त आपत्तियों का कंडिकावार शीघ्र निराकरण किया जाए। उन्होंने कहा कि सामाजिक अंकेक्षण में जनभागीदारी बढ़ाना जरूरी है, क्योंकि इससे ग्राम सभाएं सशक्त होती हैं और योजनाओं के क्रियान्वयन में पारदर्शिता आती है।

बैठक में वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए सामाजिक अंकेक्षण इकाई की वार्षिक कार्ययोजना पर विस्तार से चर्चा की गई। इस दौरान प्रदेश की सभी ग्राम पंचायतों में महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा), प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण और राष्ट्रीय सामाजिक सहायता कार्यक्रमों के सामाजिक अंकेक्षण पर जोर दिया गया।

मुख्य सचिव ने कहा कि सभी जिला कलेक्टरों को ग्राम सभाओं में अनिवार्य रूप से सामाजिक अंकेक्षण रिपोर्ट प्रस्तुत करनी होगी, ताकि ग्रामीणों को योजनाओं की जानकारी मिल सके और जवाबदेही सुनिश्चित हो।

बैठक में वर्ष 2024-25 से 2025-26 तक किए गए सामाजिक अंकेक्षण कार्यों की प्रगति की समीक्षा की गई। साथ ही वर्ष 2026-27 की कार्ययोजना और बजट का अनुमोदन किया गया।

इस दौरान सामाजिक अंकेक्षण कार्यों में नवाचार, गुणवत्तापूर्ण कार्यक्रमों के संचालन और इकाई के विस्तार को लेकर भी चर्चा हुई। मनरेगा से जुड़ी नवीन योजना वीबीजी रामजी में सामाजिक अंकेक्षण के प्रावधानों को लागू करने पर भी विचार-विमर्श किया गया।

बैठक में पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग सहित विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी और सामाजिक अंकेक्षण इकाई के सदस्य उपस्थित रहे।

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