रायपुर । छत्तीसगढ़ औद्योगिक विकास के नए दौर में तेजी से आगे बढ़ रहा है। राज्य सरकार का लक्ष्य केवल नए उद्योग स्थापित करना नहीं, बल्कि निवेश, रोजगार, आधुनिक तकनीक और क्षेत्रीय संतुलन के माध्यम से प्रदेश को आत्मनिर्भर एवं समृद्ध बनाना है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व और वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री लखन लाल देवांगन के मार्गदर्शन में निवेश-अनुकूल नीतियों और प्रक्रियाओं के सरलीकरण से राज्य में औद्योगिक गतिविधियों को नई गति मिली है।
264 औद्योगिक परियोजनाओं से 8.22 लाख करोड़ के निवेश प्रस्ताव
बीते ढाई वर्षों में प्रदेश को 264 औद्योगिक परियोजनाओं के माध्यम से करीब 8.22 लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं। इन परियोजनाओं से 1.72 लाख से अधिक रोजगार के अवसर सृजित होने की संभावना है। इनमें से 154 परियोजनाएं निर्माण, भूमि आवंटन या उत्पादन के चरण तक पहुंच चुकी हैं।
इसी अवधि में प्रदेश में 3,009 नई औद्योगिक इकाइयां स्थापित हुईं, जिनसे 50,807 लोगों को प्रत्यक्ष रोजगार मिला है। सरकार का दावा है कि ये आंकड़े औद्योगिक नीतियों के जमीनी स्तर पर प्रभाव को दर्शाते हैं।
औद्योगिक विकास नीति 2024-30 से निवेश को मिला प्रोत्साहन
राज्य की औद्योगिक विकास नीति 2024-30 के तहत विनिर्माण इकाइयों को 100 प्रतिशत और सेवा क्षेत्र को 150 प्रतिशत तक वित्तीय प्रोत्साहन का प्रावधान किया गया है। एमएसएमई और सेवा क्षेत्र को विशेष लाभ देने के साथ टेक्सटाइल, लॉजिस्टिक्स, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और फार्मा जैसे उभरते क्षेत्रों के लिए विशेष पैकेज भी उपलब्ध कराए गए हैं।
स्थानीय युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराने पर भी नीति में विशेष जोर दिया गया है। इसके परिणामस्वरूप नवा रायपुर में एआई डेटा सेंटर, सेमीकंडक्टर सहित आधुनिक औद्योगिक क्षेत्रों में निवेश की संभावनाएं बढ़ी हैं।
ईज ऑफ डूइंग बिजनेस को प्राथमिकता
राज्य सरकार ने निवेशकों के लिए प्रक्रियाओं को आसान बनाने के उद्देश्य से 150 से अधिक सेवाओं वाला सिंगल विंडो सिस्टम, एआई आधारित वाणी प्रणाली और 500 से अधिक प्रशासनिक सुधार लागू किए हैं। इन पहलों का उद्देश्य निवेश प्रस्तावों को तेजी से मंजूरी दिलाना और उद्योगों की स्थापना की प्रक्रिया को सरल बनाना है।
क्षेत्रीय औद्योगिक विकास को बढ़ावा देने के लिए राज्य में 23 नए औद्योगिक क्षेत्र विकसित किए गए हैं, जबकि 15 जिलों में 26 नए औद्योगिक कार्य स्वीकृत किए गए हैं। सरोरा में प्लास्टिक पार्क तथा नवा रायपुर में टेक्सटाइल, फार्मा और रेडीमेड गारमेंट पार्क जैसी परियोजनाएं औद्योगिक आधार को मजबूत कर रही हैं।
टेक्सटाइल पार्क से 4,650 लोगों को मिलेगा रोजगार
नवा रायपुर में आधुनिक टेक्सटाइल पार्क को औद्योगिक विकास की महत्वपूर्ण पहल के रूप में विकसित किया जा रहा है। 25 जून 2026 को उद्योग मंत्री लखन लाल देवांगन और आवास एवं पर्यावरण मंत्री ओ.पी. चौधरी ने पार्क की पहली इकाई का भूमिपूजन किया था।
तमिलनाडु की स्विफ्ट टेक्सटाइल्स प्राइवेट लिमिटेड यहां 235 करोड़ रुपये के निवेश से गारमेंट मैन्युफैक्चरिंग यूनिट स्थापित कर रही है। इस इकाई से करीब 4,650 लोगों को रोजगार मिलने की संभावना है।
81 एकड़ में विकसित किए जा रहे टेक्सटाइल पार्क में विभिन्न आकार के औद्योगिक भूखंड उपलब्ध कराए गए हैं। यहां टेक्सटाइल, गारमेंट एवं परिधान उद्योग के साथ तकनीकी वस्त्र और सहायक उद्योगों की स्थापना के लिए सुविधाएं विकसित की जा रही हैं।
बस्तर-सरगुजा में औद्योगिक विस्तार पर जोर
राज्य सरकार आने वाले वर्षों में निर्यात नीति, स्टार्टअप एवं नवाचार, कौशल विकास, इंटर्नशिप और एमएसएमई सशक्तिकरण के साथ बस्तर और सरगुजा जैसे क्षेत्रों में औद्योगिक विस्तार पर विशेष ध्यान देने की तैयारी में है।
उद्योग मंत्री लखन लाल देवांगन के अनुसार सरकार का उद्देश्य स्थानीय युवाओं के लिए अधिक से अधिक रोजगार के अवसर पैदा करना और उन्हें उद्यमिता से जोड़ना है, ताकि युवा रोजगार मांगने वाले नहीं बल्कि रोजगार देने वाले उद्यमी बन सकें।
नए क्षेत्रों में निवेश से मजबूत होगा औद्योगिक इकोसिस्टम
टेक्सटाइल और गारमेंट के साथ छत्तीसगढ़ में डेटा सेंटर, आईटी, फार्मास्यूटिकल्स, सेमीकंडक्टर, इलेक्ट्रिकल और इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग जैसे क्षेत्रों में भी निवेश आकर्षित हो रहा है। इससे प्रदेश के औद्योगिक इकोसिस्टम के विविधीकरण और आधुनिक तकनीकी क्षेत्रों में विस्तार की संभावनाएं बढ़ी हैं।
विजन 2047 की दिशा में राज्य का औद्योगिक अभियान आर्थिक विकास के साथ रोजगार, नवाचार और समावेशी विकास को गति देने पर केंद्रित है। सरकार का लक्ष्य इन प्रयासों के जरिए आत्मनिर्भर, विकसित और समृद्ध छत्तीसगढ़ की मजबूत आधारशिला तैयार करना है।