शेयर बाजार में हाहाकार: खुलते ही 700 अंक से ज्यादा टूटा सेंसेक्स, निफ्टी 22,600 के नीचे

मुंबई । भारतीय शेयर बाजार में बुधवार को कारोबार की शुरुआत भारी गिरावट के साथ हुई। बीएसई सेंसेक्स खुलते ही 700 अंकों से ज्यादा लुढ़क गया, जबकि एनएसई निफ्टी 50 भी गिरकर 22,600 के स्तर से नीचे पहुंच गया। कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों, वैश्विक तनाव और विदेशी निवेशकों की लगातार बिकवाली से निवेशकों का भरोसा कमजोर हुआ है।

सेंसेक्स और निफ्टी में बड़ी गिरावट

28 अक्टूबर को सुबह करीब 9:20 बजे सेंसेक्स 712.74 अंक यानी 0.97 प्रतिशत गिरकर 72,885.93 पर कारोबार कर रहा था। वहीं निफ्टी 50 में 186.90 अंकों यानी 0.82 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई और यह 22,562.85 पर पहुंच गया।

सुबह के कारोबार में बिकवाली का दबाव व्यापक रहा। बाजार के शुरुआती आंकड़ों के अनुसार, गिरने वाले शेयरों की संख्या बढ़त दर्ज करने वाले शेयरों से अधिक रही।

बाजार गिरने की तीन बड़ी वजहें

1. कच्चे तेल की कीमतों में उछाल

अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में तेजी से भारतीय शेयर बाजार पर दबाव बढ़ा। सऊदी अरब की तेल रिफाइनरी पर हमले की खबरों के बाद ऊर्जा आपूर्ति को लेकर चिंताएं बढ़ीं। ब्रेंट क्रूड की कीमत 115 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंचने से भारत के आयात बिल और महंगाई को लेकर आशंकाएं गहरा गईं।

2. विदेशी निवेशकों की लगातार बिकवाली

विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (FPI) की बिकवाली भी बाजार में गिरावट की प्रमुख वजह रही। वैश्विक अनिश्चितता के बीच विदेशी निवेशकों की निकासी से शेयरों पर दबाव बना हुआ है।

3. आईटी शेयरों में भारी गिरावट

आईटी कंपनियों के शेयरों में बिकवाली ने बाजार की कमजोरी को और बढ़ाया। अमेरिकी फेडरल रिजर्व के ब्याज दर संबंधी फैसले से पहले निवेशक सतर्क नजर आए। शुरुआती कारोबार में निफ्टी आईटी सूचकांक में 3 प्रतिशत से अधिक की गिरावट दर्ज की गई।

निवेशकों की नजर वैश्विक संकेतों पर

बाजार विशेषज्ञों के अनुसार, आने वाले कारोबार में कच्चे तेल की कीमतों, विदेशी निवेशकों की गतिविधियों और अमेरिकी फेडरल रिजर्व के रुख पर निवेशकों की नजर रहेगी। निफ्टी के लिए 22,500 के आसपास का स्तर महत्वपूर्ण माना जा रहा है, जबकि 22,700 से 22,800 के दायरे में वापसी बाजार की दिशा के लिए अहम हो सकती है।

फिलहाल बाजार में उतार-चढ़ाव का माहौल बना हुआ है। निवेशकों को जल्दबाजी में निर्णय लेने के बजाय बाजार की चाल और कंपनी-विशेष के प्रदर्शन पर ध्यान देने की जरूरत है।

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