सरकारी शिक्षकों तक सीमित नहीं रहेगी CCL, निजी स्कूलों के लिए भी लागू होगा नियम

नई दिल्ली। दिल्ली हाई कोर्ट ने निजी स्कूलों में कार्यरत शिक्षकों के हित में एक ऐतिहासिक फैसला सुनाया है। अदालत ने कहा है कि सरकारी स्कूलों के शिक्षकों की तरह निजी स्कूलों के शिक्षक भी अपने बच्चों की देखभाल के लिए चाइल्ड केयर लीव (CCL) पाने के हकदार हैं।

मुख्य न्यायाधीश देवेन्द्र कुमार उपाध्याय और न्यायमूर्ति तेजस करिया की खंडपीठ ने एक शिक्षिका की याचिका पर सुनवाई करते हुए यह फैसला दिया। अदालत ने हाई कोर्ट की एकलपीठ के उस आदेश को रद्द कर दिया, जिसमें निजी स्कूल की शिक्षिका को चाइल्ड केयर लीव का अधिकार देने से इनकार किया गया था।

निजी स्कूल शिक्षकों को नहीं किया जा सकता वंचित

अदालत ने कहा कि चाइल्ड केयर लीव केवल सरकारी कर्मचारियों तक सीमित सुविधा नहीं है। बच्चों की देखभाल और उनके कल्याण को ध्यान में रखते हुए निजी स्कूलों के शिक्षकों को भी यह अधिकार मिलना चाहिए।

पीठ ने कहा कि संविधान के अनुच्छेद-21 के तहत जीवन और व्यक्तिगत स्वतंत्रता के अधिकार की व्यापक व्याख्या में बच्चों की देखभाल और उनके हितों की रक्षा भी शामिल है।

दिल्ली स्कूल शिक्षा अधिनियम का हवाला

हाई कोर्ट ने अपने फैसले में दिल्ली स्कूल शिक्षा अधिनियम, 1973 की धारा 10 का उल्लेख करते हुए कहा कि निजी स्कूलों के कर्मचारियों को सरकारी स्कूलों के कर्मचारियों के समान सेवा सुविधाएं मिलनी चाहिए।

अदालत ने कहा कि जब वेतन, भत्ते, चिकित्सा सुविधाएं और अन्य सेवा लाभों में समानता का प्रावधान है, तो चाइल्ड केयर लीव से निजी स्कूल शिक्षकों को अलग नहीं किया जा सकता।

बच्चे के मानसिक स्वास्थ्य के लिए मांगी थी छुट्टी

यह मामला एक निजी स्कूल की शिक्षिका से जुड़ा था, जिन्होंने अपने 12वीं कक्षा में पढ़ने वाले बेटे की देखभाल के लिए एक महीने की चाइल्ड केयर लीव मांगी थी। शिक्षिका ने बताया था कि उनका बेटा मानसिक तनाव से गुजर रहा है और उसे मां की देखभाल की जरूरत है।

हालांकि स्कूल प्रबंधन ने यह कहते हुए छुट्टी देने से इनकार कर दिया था कि निजी स्कूल कर्मचारियों के लिए चाइल्ड केयर लीव का कोई प्रावधान नहीं है। इसके बाद शिक्षिका ने अदालत का रुख किया।

CCL कोई सामान्य छुट्टी नहीं

अदालत ने कहा कि चाइल्ड केयर लीव सामान्य अवकाश नहीं है, बल्कि बच्चे के बेहतर विकास, स्वास्थ्य और सुरक्षा को ध्यान में रखकर दी जाने वाली विशेष सुविधा है।

पीठ ने कहा कि ऐसे समय में जब बच्चे को माता-पिता की जरूरत होती है, नियोक्ताओं को इस तरह की छुट्टियों पर उदार रवैया अपनाना चाहिए।

क्या है चाइल्ड केयर लीव?

चाइल्ड केयर लीव कर्मचारियों को बच्चों की देखभाल, पढ़ाई, परीक्षा, बीमारी या विशेष परिस्थितियों में समय देने के लिए दी जाती है। केंद्रीय सेवा नियमों के तहत महिला कर्मचारी पूरे सेवाकाल में अधिकतम 730 दिन तक यह छुट्टी ले सकती हैं। यह सुविधा आमतौर पर पहले दो बच्चों के लिए उपलब्ध होती है।

इस फैसले से देशभर के निजी स्कूलों में काम करने वाले शिक्षकों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है।

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