दुबई/तेल अवीव। दुबई से तेल अवीव जा रही फ्लाईदुबई की फ्लाइट में 30 सितंबर को उस वक्त अफरा-तफरी मच गई, जब कॉकपिट के अंदर पायलट पर चाकू से हमला किया गया। गंभीर रूप से घायल भारतीय कैप्टन स्मित मच्छार ने इसके बावजूद कॉकपिट का दरवाजा खोल दिया, जिससे यात्रियों और क्रू को अंदर पहुंचकर स्थिति संभालने का मौका मिला। फ्लाइट में सवार यात्रियों के मुताबिक, इस दौरान विमान तेजी से नीचे जा रहा था।
प्लंबर यात्री ने संभाला विमान का कंट्रोल
‘टाइम्स ऑफ इजरायल’ से बातचीत में यात्री यानिव हायून ने बताया कि वह कॉकपिट में पहुंचे तो एक पायलट घायल अवस्था में जमीन पर पड़े थे, जबकि दूसरा पायलट हमलावर से जूझ रहा था। यात्रियों ने मिलकर हमलावर को काबू करने की कोशिश की।
हायून के मुताबिक, कुछ देर बाद विमान एक तरफ झुकने लगा। इसके बाद उन्होंने कॉकपिट में जाकर कंट्रोल संभालने और विमान को सीधा करने में मदद की। उन्होंने बताया कि उन्हें विमान के नियंत्रण को लेकर कुछ जानकारी टीवी पर प्रसारित होने वाली विमान दुर्घटनाओं की डॉक्यूमेंट्री से याद थी।
घायल भारतीय पायलट ने खोला कॉकपिट का दरवाजा
रिपोर्ट के अनुसार, हमले में कैप्टन स्मित मच्छार गंभीर रूप से घायल हो गए थे। इसके बावजूद उन्होंने कॉकपिट का दरवाजा खोलने वाला रिलीज दबाया। दरवाजा खुलने के बाद यात्रियों और क्रू को अंदर पहुंचने का रास्ता मिला और उन्होंने हमलावर को काबू करने में मदद की।
यात्रियों के मुताबिक, विमान इस दौरान करीब 14 हजार फीट नीचे चला गया था। तीन इजरायली यात्रियों समेत कई लोगों ने आरोपी को नियंत्रित करने में मदद की।
डेंटिस्ट ने किया घायल पायलट का इलाज
विमान में मौजूद डॉ. शोटा मुसायेव, जो पेशे से डेंटिस्ट हैं, घायल कैप्टन तक पहुंचे। उन्होंने बताया कि पायलट के सिर और हाथों से काफी खून बह रहा था। उन्होंने तत्काल प्राथमिक चिकित्सा देकर खून बहना रोकने की कोशिश की।
वहीं, दो ऑफ-ड्यूटी पायलट भी कॉकपिट में पहुंचे और विमान को स्थिर करने तथा सुरक्षित लैंडिंग में मदद की।
सऊदी अरब में कराई गई इमरजेंसी लैंडिंग
घटना के बाद विमान ने इमरजेंसी सिग्नल भेजा और इसे इजरायल के बजाय सऊदी अरब के ताबुक एयरपोर्ट की ओर डायवर्ट किया गया। इसके बाद बोइंग 737 विमान सुरक्षित रूप से ताबुक में उतर गया। फ्लाइट में मौजूद सभी 174 यात्रियों के सुरक्षित बचने की जानकारी सामने आई है।
कैप्टन स्मित मच्छार को इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है। रिपोर्टों के अनुसार उनकी हालत स्थिर बताई गई है।
मोदी और नेतन्याहू ने की कैप्टन स्मित की तारीफ
भारतीय पायलट की भूमिका की प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने भी सराहना की है। दोनों नेताओं ने उनकी बहादुरी और यात्रियों की जान बचाने में उनके योगदान का उल्लेख किया।
हालांकि, कॉकपिट में हमला क्यों हुआ और को-पायलट की कथित कार्रवाई के पीछे क्या वजह थी, इसकी जांच अभी जारी है। फ्लाईदुबई और संबंधित विमानन अधिकारी घटना की परिस्थितियों की जांच कर रहे हैं। इसलिए हमले की मंशा को लेकर अंतिम निष्कर्ष जांच पूरी होने के बाद ही सामने आएगा।