भाजपा नेता शुभेंदु अधिकारी के निजी सहायक की बुधवार रात गोली मारकर हत्या

पश्चिम बंगाल | पश्चिम बंगाल विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष और भाजपा नेता शुभेंदु अधिकारी के निजी सहायक चंद्रनाथ रथ की बुधवार रात गोली मारकर हत्या कर दी गई। घटना के बाद राज्य की सियासत गरमा गई है। शुभेंदु अधिकारी ने इसे राजनीतिक प्रतिशोध बताया और सीधे तौर पर मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और TMC पर निशाना साधा।

घर से 100 मीटर दूर ताबड़तोड़ फायरिंग :

पुलिस के अनुसार, बुधवार रात मध्यमग्राम इलाके में कार और बाइक सवार हमलावरों ने चंद्रनाथ रथ की गाड़ी का पीछा किया। घर से करीब 100 मीटर पहले उनकी कार को रोककर ताबड़तोड़ गोलियां चलाईं। हमलावर वारदात के बाद फरार हो गए। इस हमले में रथ की मौके पर ही मौत हो गई। गाड़ी चला रहे ड्राइवर बुद्धदेब बेरा को भी कई गोलियां लगीं। अस्पताल सूत्रों के मुताबिक उनकी कई सर्जरी हो चुकी है और हालत नाजुक बनी हुई है।

पोस्टमार्टम में 4 गोलियां मिलने की पुष्टि:

गुरुवार को बारासात स्टेट जनरल अस्पताल में पोस्टमार्टम के बाद शुभेंदु अधिकारी ने मीडिया से बात की। उन्होंने बताया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट में चंद्रनाथ रथ को चार गोलियां लगने की पुष्टि हुई है। उन्होंने इसे पूरी तरह सुनियोजित हत्या करार दिया।

शुभेंदु ने कहा, “चंद्रनाथ की न किसी से निजी दुश्मनी थी, न कोई राजनीतिक विवाद। अगर वे मेरे पीए नहीं होते या मैंने भवानीपुर और नंदीग्राम में ममता बनर्जी को राजनीतिक चुनौती नहीं दी होती, तो शायद उनकी हत्या नहीं होती। यही उनकी हत्या की सबसे बड़ी वजह हो सकती है।”

मां ने कहा- फांसी नहीं, आजीवन कारावास मिले :

उत्तर 24 परगना के चांदीपुर में गुरुवार को चंद्रनाथ की मां हसिरानी रथ ने भावुक बयान दिया। बेटे की हत्या के बावजूद उन्होंने आरोपियों के लिए फांसी की मांग नहीं की। उन्होंने कहा, “मैं एक मां हूं। मैं चाहती हूं कि दोषियों को सजा मिले, लेकिन फांसी नहीं। उन्हें आजीवन कारावास मिले।” साथ ही उन्होंने इस हत्या के लिए सीधे तौर पर TMC को जिम्मेदार ठहराया।

जांच में जुटीं एजेंसियां, एक बाइक बरामद :

शुभेंदु अधिकारी ने बताया कि डीजीपी ने उन्हें जानकारी दी है कि हमले में इस्तेमाल एक मोटरसाइकिल घटनास्थल से करीब चार किलोमीटर दूर मिली है। पुलिस ने कुछ संदिग्धों को हिरासत में लिया है। फिलहाल मामले की जांच सीआईडी, फॉरेंसिक टीम और एसआईटी मिलकर कर रही है। अधिकारी ने आरोप लगाया कि पुलिस पहले भी ऐसी घटनाओं को सुलझाने में सक्षम रही है, लेकिन कई बार उसे स्वतंत्र रूप से कार्रवाई की अनुमति नहीं दी जाती।

राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप तेज : 
शुभेंदु अधिकारी ने पीड़ित परिवार को भरोसा दिया है कि वे उनके साथ खड़े हैं। परिवार की मांग है कि आरोपियों को जल्द गिरफ्तार कर सख्त सजा दी जाए। वहीं TMC की ओर से अभी तक इस मामले पर कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है। शुभेंदु अधिकारी 2021 विधानसभा चुनाव में नंदीग्राम सीट से ममता बनर्जी को हराकर सुर्खियों में आए थे। उसके बाद से ही भाजपा और TMC के बीच राजनीतिक टकराव बढ़ा है।

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