नई दिल्ली | सरकार और CJP (कॉकरोच जनता पार्टी) के प्रतिनिधियों के बीच हुई बैठक के बाद जंतर-मंतर पर चल रहा आंदोलन समाप्त कर दिया गया है। CJP नेताओं ने संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस कर प्रदर्शनकारियों से घर लौटने की अपील की।
कान्स्टिटूशन क्लब में केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा और जितेंद्र सिंह के साथ CJP प्रवक्ता सौरभ दास और आशुतोष रांका ने प्रेस कॉन्फ्रेंस की। इस दौरान CJP की ओर से दावा किया गया कि सरकार के साथ तीन दौर की बातचीत के बाद उनकी प्रमुख मांगों पर सहमति बन गई है।
CJP नेताओं के अनुसार, आंदोलन की प्रमुख मांगों में केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे, छात्रों पर दर्ज मामलों को वापस लेने और नीट पीड़ितों को 1 करोड़ रुपये मुआवजा देने की मांग शामिल थी। संगठन ने दावा किया कि सरकार ने इन मांगों को स्वीकार कर लिया है।
तीन प्रमुख मांगों पर बनी सहमति का दावा
1. शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग
CJP ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि उनकी सबसे प्रमुख मांग केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की थी। संगठन ने दावा किया कि सरकार ने इस मांग को स्वीकार कर लिया है।
2. आंदोलनकारियों पर दर्ज FIR वापस लेने की बात
CJP नेताओं ने बताया कि छात्र आंदोलनकारियों पर दर्ज मामलों को वापस लेने पर भी सहमति बनी है। उन्होंने कहा कि सरकार ने भविष्य में छात्रों और आंदोलनकारियों के खिलाफ अनावश्यक कार्रवाई नहीं करने का भरोसा दिया है।
3. मुआवजे पर सहमति
संगठन ने दावा किया कि प्रदर्शन के दौरान प्रभावित छात्रों और घायलों के इलाज व सहायता के लिए 1 करोड़ रुपये के मुआवजे की मांग पर भी सहमति बनी है। CJP के अनुसार, सरकार मंगलवार तक इन बिंदुओं पर लिखित आश्वासन देगी।
जेपी नड्डा ने क्या कहा?
बैठक के बाद केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा ने कहा कि आंदोलनकारियों की ओर से सरकार को चार सूत्रीय मांग-पत्र सौंपा गया था। उन्होंने बताया कि सरकार नियमों के अनुसार अधिकतम सहायता देने, दर्ज मामलों की समीक्षा और शिक्षा व्यवस्था में सुधार से जुड़े सुझावों पर विचार करने के लिए तैयार है। उन्होंने कहा कि भविष्य में भी प्रतिनिधिमंडल के साथ संवाद जारी रहेगा।
प्रेस कॉन्फ्रेंस के अंत में CJP प्रवक्ता सौरभ दास ने आंदोलन वापस लेने की घोषणा करते हुए प्रदर्शनकारियों से जंतर-मंतर खाली कर अपने घर लौटने की अपील की।
CJP ने कहा कि आगे भी शिक्षा व्यवस्था और प्रतियोगी परीक्षाओं की पारदर्शिता से जुड़े मुद्दों को लेकर सरकार के साथ बातचीत जारी रखी जाएगी।