कोलकाता। पश्चिम बंगाल की राजनीति में आज बड़ा सियासी घटनाक्रम देखने को मिल रहा है। तृणमूल कांग्रेस (TMC) के बागी विधायक ऋतब्रत बनर्जी और संदीपन साहा विधानसभा पहुंच गए हैं। दोनों नेताओं ने दावा किया है कि उन्हें करीब 50 विधायकों का समर्थन प्राप्त है और वे ही “असली टीएमसी” का प्रतिनिधित्व करते हैं।
बागी विधायक विधानसभा अध्यक्ष को पत्र सौंपकर नए नेता प्रतिपक्ष की मान्यता की मांग कर सकते हैं। सूत्रों के मुताबिक, बागी गुट ने ऋतब्रत बनर्जी को नेता प्रतिपक्ष के चेहरे के रूप में आगे किया है। विधानसभा पहुंचे कुछ विधायकों ने दावा किया कि उनके साथ 59 विधायकों का समर्थन है, हालांकि इस दावे की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
टीएमसी के भीतर असंतोष का केंद्र पार्टी महासचिव अभिषेक बनर्जी की कार्यशैली को बताया जा रहा है। कई नेताओं और विधायकों ने उन पर वरिष्ठ नेताओं की अनदेखी, परिवारवाद और संगठन में केंद्रीकरण के आरोप लगाए हैं।
इस विवाद की शुरुआत कथित “सिग्नेचर फर्जीवाड़ा” मामले से हुई, जिसमें नेता प्रतिपक्ष के समर्थन से जुड़े दस्तावेजों में फर्जी हस्ताक्षरों का आरोप लगा था। इस मुद्दे को उठाने वाले ऋतब्रत बनर्जी और संदीपन साहा को बाद में पार्टी से निष्कासित कर दिया गया था।
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि यदि बागी गुट अपने दावों के अनुरूप पर्याप्त समर्थन जुटाने में सफल रहता है, तो यह ममता बनर्जी और टीएमसी के लिए बड़ा राजनीतिक झटका साबित हो सकता है।