दंतेवाड़ा । छत्तीसगढ़ के ऐतिहासिक और विश्वप्रसिद्ध बस्तर दशहरा में शामिल होने के लिए आराध्य देवी मां दंतेश्वरी की डोली रविवार को दंतेवाड़ा से जगदलपुर के लिए रवाना हुई। शारदीय नवरात्र की अष्टमी तिथि पर आयोजित इस पारंपरिक विदाई समारोह में हजारों श्रद्धालु शामिल हुए और माता के दर्शन कर सुख-समृद्धि एवं क्षेत्र की शांति की कामना की।
मां दंतेश्वरी की डोली को विधि-विधान के साथ भव्य रथ पर विराजमान किया गया। इसके बाद नगर भ्रमण कराते हुए जगदलपुर के लिए प्रस्थान कराया गया। पूरे आयोजन के दौरान धार्मिक आस्था और पारंपरिक रीति-रिवाजों की झलक देखने को मिली। माता की विदाई के अवसर पर श्रद्धालुओं में विशेष उत्साह रहा।
परंपरा के अनुसार दी गई सलामी
डोली यात्रा के दौरान विभिन्न स्थानों पर सशस्त्र जवानों ने परंपरानुसार हर्ष फायर कर मां दंतेश्वरी को सलामी दी। इस पारंपरिक आयोजन ने समारोह की गरिमा को और बढ़ाया। बड़ी संख्या में श्रद्धालु माता के दर्शन के लिए पहुंचे और यात्रा में शामिल होकर अपनी आस्था व्यक्त की।
बस्तर दशहरा में विशेष महत्व
बस्तर दशहरा बस्तर संभाग की विशिष्ट सांस्कृतिक और धार्मिक पहचान है। इस उत्सव में मां दंतेश्वरी की डोली का जगदलपुर पहुंचना महत्वपूर्ण परंपरा मानी जाती है। यह आयोजन क्षेत्र की प्राचीन लोक परंपराओं, जनआस्था और सांस्कृतिक विरासत को जीवंत बनाए रखने का प्रतीक है।
मां दंतेश्वरी की डोली के जगदलपुर रवाना होने के साथ ही बस्तर दशहरा की धार्मिक गतिविधियों में एक महत्वपूर्ण पड़ाव पूरा हुआ। इस अवसर पर श्रद्धालुओं ने माता से क्षेत्र में सुख, शांति, समृद्धि और खुशहाली की प्रार्थना की।