कवर्धा। महिला एवं बाल विकास विभाग में पर्यवेक्षक (सुपरवाइजर) के 50 रिक्त पदों पर सीधी भर्ती को वित्तीय एवं प्रशासनिक स्वीकृति मिलने के बाद अब आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं ने पदोन्नति का अवसर देने की मांग तेज कर दी है। आंगनबाड़ी कार्यकर्ता-सहायिका संघ की कार्यकारी प्रदेश अध्यक्ष सोनिया मरावी ने शासन से अनुभवी और योग्य आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को भी पर्यवेक्षक पद पर पदोन्नति देने की मांग की है।
सोनिया मरावी का कहना है कि आंगनबाड़ी कार्यकर्ता लंबे समय से महिला एवं बाल विकास विभाग की योजनाओं को जमीनी स्तर तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। बच्चों के पोषण, गर्भवती एवं धात्री महिलाओं की देखभाल, पोषण अभियान, सर्वेक्षण और विभिन्न शासकीय योजनाओं की जानकारी हितग्राहियों तक पहुंचाने का जिम्मा कार्यकर्ता लगातार निभा रही हैं।
अनुभव और योग्यता के आधार पर मिले मौका
संघ की प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि विभाग में वर्षों से सेवा दे रही आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के पास जमीनी स्तर पर काम करने का व्यापक अनुभव है। ऐसे में जिन कार्यकर्ताओं के पास निर्धारित शैक्षणिक योग्यता और पर्याप्त विभागीय अनुभव है, उन्हें नियमों के तहत पर्यवेक्षक पद पर पदोन्नति का अवसर मिलना चाहिए।
उन्होंने कहा कि 50 पर्यवेक्षक पदों पर सीधी भर्ती से विभाग में रिक्त पदों की पूर्ति होगी और योजनाओं की निगरानी व्यवस्था मजबूत होगी, लेकिन इसके साथ ही लंबे समय से सेवा दे रही आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के हितों को भी ध्यान में रखा जाना जरूरी है।
अनुभवी कार्यकर्ताओं को मिलेगा सम्मान
सोनिया मरावी के अनुसार, पदोन्नति का प्रावधान होने से अनुभवी आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को आगे बढ़ने का अवसर मिलेगा। साथ ही विभाग को ऐसे पर्यवेक्षक मिल सकेंगे, जिन्हें आंगनबाड़ी केंद्रों की जमीनी व्यवस्था और विभागीय योजनाओं के क्रियान्वयन की बेहतर जानकारी है।
उन्होंने शासन से मांग की है कि 50 पर्यवेक्षक पदों की भर्ती प्रक्रिया में योग्य आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के लिए पदोन्नति का प्रावधान सुनिश्चित किया जाए, ताकि वर्षों से विभाग में सेवाएं दे रही कार्यकर्ताओं को उनके अनुभव और योग्यता का उचित सम्मान मिल सके।