देश | देशमें चीनी की उपलब्धता बनाए रखने और बढ़ती कीमतों पर लगाम लगाने के लिए केंद्र सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। सरकार ने तत्काल प्रभाव से चीनी के निर्यात पर रोक लगा दी है। यह प्रतिबंध 30 सितंबर 2026 तक या अगले आदेश तक लागू रहेगा। सरकार की ओर से जारी नोटिफिकेशन में रॉ शुगर, व्हाइट शुगर और रिफाइंड शुगर तीनों के निर्यात पर रोक की बात कही गई है।
भारत दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा चीनी उत्पादक और निर्यातक देश है। सरकार ने पहले चीनी मिलों को 1.59 मिलियन टन चीनी निर्यात की अनुमति दी थी, क्योंकि उत्पादन घरेलू मांग से अधिक रहने की उम्मीद थी। लेकिन अब लगातार दूसरे साल उत्पादन खपत से कम रहने की आशंका जताई जा रही है।
अल नीनो के असर से इस साल मॉनसून प्रभावित होने की संभावना है, जिससे गन्ने की फसल और अगले सीजन के चीनी उत्पादन पर असर पड़ सकता है। इसी को देखते हुए सरकार ने घरेलू बाजार में सप्लाई मजबूत रखने और कीमतों में संभावित उछाल रोकने के लिए यह फैसला लिया है।
ट्रेडर्स के मुताबिक करीब 8 लाख टन चीनी के निर्यात के लिए कॉन्ट्रैक्ट किए जा चुके थे, जिनमें से 6 लाख टन से अधिक चीनी पहले ही भेजी जा चुकी है। सरकार ने साफ किया है कि नोटिफिकेशन जारी होने से पहले जिन खेपों की लोडिंग पूरी हो चुकी है, उन्हें निर्यात की अनुमति मिलेगी।