तिल्दा-नेवरा। जनपद पंचायत तिल्दा के अंतर्गत आने वाली ग्राम पंचायत नकटी कुम्हारी में पंचायत सचिव की कार्यप्रणाली को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। पंचायत के पंचों एवं ग्रामीणों ने सचिव पर वित्तीय आय-व्यय की जानकारी उपलब्ध नहीं कराने और पंचायत कार्यों में पारदर्शिता नहीं बरतने का आरोप लगाया है। इस संबंध में ग्रामीणों ने जनपद पंचायत तिल्दा के मुख्य कार्यपालन अधिकारी (सीईओ) को ज्ञापन सौंपकर मामले की निष्पक्ष एवं उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग की है।
ग्राम सभा में आय-व्यय का विवरण नहीं देने का आरोप
ग्रामीणों द्वारा सौंपे गए ज्ञापन के अनुसार, ग्राम पंचायत में आयोजित नियमित ग्राम सभाओं के दौरान पंचायत को प्राप्त होने वाली राशि तथा विभिन्न विकास कार्यों पर किए गए खर्च का विस्तृत ब्यौरा प्रस्तुत नहीं किया जाता। पंचों का आरोप है कि जब भी पंचायत की कैश बुक, वित्तीय आय-व्यय या शासकीय योजनाओं से संबंधित जानकारी मांगी जाती है, तो पंचायत सचिव द्वारा कथित तौर पर टालमटोल की जाती है।
शिकायतकर्ताओं का कहना है कि पंचायत के वित्तीय लेन-देन की जानकारी सार्वजनिक नहीं होने से ग्रामीणों के बीच असंतोष बढ़ रहा है। उनका मानना है कि वित्तीय मामलों में पारदर्शिता की कमी के कारण अनियमितताओं की आशंका उत्पन्न हो रही है। हालांकि, इन आरोपों की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।

पिछले तीन वर्षों के आय-व्यय की जांच की मांग
ग्रामीणों और पंचायत प्रतिनिधियों ने जनपद सीईओ के समक्ष प्रमुख रूप से तीन मांगें रखी हैं। इनमें ग्राम पंचायत नकटी कुम्हारी के पिछले तीन वर्षों के आय-व्यय और वित्तीय अभिलेखों की निष्पक्ष जांच कराने के साथ आवश्यक ऑडिट कराना शामिल है।
इसके अलावा, ग्रामीणों ने मांग की है कि ग्राम सभा की बैठकों में पंचायत की आय, व्यय और विकास कार्यों पर खर्च की गई राशि का पूरा विवरण अनिवार्य रूप से प्रस्तुत करने के निर्देश दिए जाएं। उन्होंने यह भी कहा कि जांच के दौरान यदि वित्तीय अनियमितताएं सामने आती हैं, तो जिम्मेदार व्यक्तियों के विरुद्ध नियमानुसार कड़ी अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाए।
निष्पक्ष जांच नहीं होने पर आगे की कार्रवाई की चेतावनी
ज्ञापन सौंपने के दौरान पंचायत के पंचों एवं ग्रामीणों ने मामले की शीघ्र जांच कर उचित कार्रवाई करने की मांग की। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि शिकायत पर समय रहते निष्पक्ष कार्रवाई नहीं की गई, तो वे आगे आवश्यक कदम उठाएंगे।
अब ग्रामीणों की नजरें जनपद पंचायत प्रशासन की कार्रवाई पर टिकी हैं। शिकायत के संबंध में जांच और संबंधित अधिकारियों की प्रतिक्रिया सामने आने के बाद ही मामले की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।