नई दिल्ली । संसद के मानसून सत्र 2026 की शुरुआत सोमवार से होने जा रही है। सत्र से एक दिन पहले रविवार को लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला की अध्यक्षता में बिजनेस एडवाइजरी कमेटी (BAC) की बैठक आयोजित हुई, जिसमें आगामी सत्र के विधायी एजेंडे और कार्यसूची पर चर्चा की गई। बैठक में तय किया गया कि मानसून सत्र के दौरान छह महत्वपूर्ण विधेयक सदन में पेश किए जाएंगे। साथ ही विभिन्न विधेयकों पर चर्चा के लिए समय का भी आवंटन किया गया।
बैठक में सभी राजनीतिक दलों से जनहित से जुड़े मुद्दों पर सुझाव मांगे गए। लोकसभा अध्यक्ष ने विभिन्न दलों के प्रतिनिधियों को उन विषयों पर अपने विचार रखने का अवसर दिया, जिन्हें वे सत्र की कार्यसूची में शामिल करना चाहते हैं। सरकार ने भी प्रस्तावित विधायी कार्यों और संसदीय कार्यक्रम को लेकर अपनी प्राथमिकताएं साझा कीं।
इस बीच विपक्ष ने भी मानसून सत्र में सरकार को विभिन्न मुद्दों पर घेरने की रणनीति तैयार कर ली है। विपक्ष राम मंदिर चढ़ावा चोरी, नीट पेपर लीक, सोनम वांगचुक सहित अन्य जनहित के मुद्दों को सदन में उठाने की तैयारी में है। वहीं, सरकार कई महत्वपूर्ण विधेयकों को आगे बढ़ाने के लिए तैयार है।
सूत्रों के अनुसार, संसद सत्र के पहले दिन हंगामे के आसार भी जताए जा रहे हैं। राज्यसभा में प्रस्तावित ‘वंदे मातरम्’ विधेयक को लेकर विपक्ष विरोध की रणनीति बना रहा है, जिससे सदन में तीखी बहस होने की संभावना है।
बैठक के बाद जारी आधिकारिक बयान में कहा गया कि विभिन्न विषयों पर चर्चा का कार्यक्रम और समय का निर्धारण संसदीय परंपराओं के अनुरूप सरकार और सभी दलों के नेताओं से परामर्श के बाद किया जाएगा।
बैठक के समापन पर लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने विश्वास व्यक्त किया कि सभी दल लोकतांत्रिक परंपराओं का सम्मान करते हुए सहयोगात्मक माहौल में सदन की कार्यवाही चलाने में योगदान देंगे, ताकि मानसून सत्र आम जनता के हित में उपयोगी और सार्थक साबित हो सके।