पुणे । राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (NSA) अजीत डोभाल को लोकमान्य तिलक पुरस्कार से सम्मानित किया गया। पुणे में आयोजित कार्यक्रम में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने उन्हें यह सम्मान प्रदान किया और देश की सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने में उनके योगदान की सराहना की।
कार्यक्रम में अमित शाह ने कहा कि अजीत डोभाल ने राष्ट्रीय सुरक्षा के क्षेत्र में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। उन्होंने कहा कि देश की सुरक्षा नीति को प्रभावी बनाने और आतंकवाद के खिलाफ रणनीति तैयार करने में डोभाल का योगदान उल्लेखनीय रहा है।
अमित शाह ने कहा कि अजीत डोभाल ने विवेकानंद इंटरनेशनल फाउंडेशन में रहते हुए राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े विषयों पर गहन चिंतन और विमर्श किया। उन्होंने बताया कि वर्ष 2014 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा डोभाल को राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार नियुक्त किए जाने के बाद कई नीतिगत विचारों को धरातल पर लागू करने का कार्य हुआ।
सम्मान ग्रहण करने के बाद अजीत डोभाल ने युवाओं को संबोधित करते हुए कहा कि आजादी का अर्थ केवल अपनी इच्छा के अनुसार कुछ भी करने की स्वतंत्रता नहीं है, बल्कि इसके साथ जिम्मेदारी भी जुड़ी होती है। उन्होंने कहा कि देश की स्वतंत्रता के पीछे लंबा संघर्ष और बलिदान का इतिहास रहा है, जिसे युवाओं को समझना चाहिए।
NSA डोभाल ने युवाओं से राष्ट्रहित को सर्वोपरि रखने और व्यक्तिगत हितों से ऊपर उठकर देश के विकास में योगदान देने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि भारत अपने लक्ष्यों को प्राप्त करने की दिशा में आगे बढ़ रहा है और आने वाला समय देश के लिए नई उपलब्धियों का होगा।
कार्यक्रम में देश की सुरक्षा, राष्ट्र निर्माण और युवाओं की भूमिका सहित विभिन्न विषयों पर भी चर्चा हुई।