रायपुर । छत्तीसगढ़ राज्य महिला आयोग की सदस्य दीपिका शोरी ने दंतेवाड़ा स्थित सखी सहेली सेंटर और नारी निकेतन का आकस्मिक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने महिलाओं की सुरक्षा, उनके अधिकारों और उन्हें उपलब्ध कराई जा रही सुविधाओं की समीक्षा की।
दीपिका शोरी ने कहा कि सशक्त महिला और जागरूक बालिका ही मजबूत समाज की आधारशिला हैं। महिलाओं को उनके अधिकारों और सरकारी सहायता सेवाओं की जानकारी देकर उन्हें आत्मनिर्भर और सुरक्षित बनाया जा सकता है।
पीड़ित महिलाओं को मिले त्वरित न्याय
निरीक्षण के दौरान आयोग सदस्य ने अधिकारियों और कर्मचारियों को महिलाओं से जुड़े मामलों में संवेदनशीलता और तत्परता के साथ कार्य करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि किसी भी पीड़ित महिला को न्याय मिलने में देरी नहीं होनी चाहिए।
उन्होंने कहा कि त्वरित और निःशुल्क सहायता एवं न्याय उपलब्ध कराना शासन की प्राथमिक जिम्मेदारी है। किसी मामले में समस्या या बाधा आने पर तत्काल महिला आयोग को इसकी जानकारी देने के निर्देश भी दिए गए।
सखी सेंटर और नारी निकेतन की व्यवस्थाओं का लिया जायजा
दीपिका शोरी ने बताया कि सखी सहेली सेंटर (वन स्टॉप सेंटर) संकट में फंसी महिलाओं को तत्काल चिकित्सा सहायता, कानूनी सलाह, काउंसलिंग और अस्थायी आश्रय उपलब्ध कराता है। वहीं नारी निकेतन लंबे समय तक सुरक्षित आवास और पुनर्वास की सुविधा प्रदान करता है।
उन्होंने नारी निकेतन में रह रही महिलाओं से बातचीत कर उनके स्वास्थ्य, भोजन, रहन-सहन और अन्य सुविधाओं की जानकारी ली। महिलाओं ने उपलब्ध व्यवस्थाओं पर संतोष व्यक्त किया।
महिलाओं और बालिकाओं में जागरूकता जरूरी
आयोग सदस्य ने कहा कि महिलाओं और बालिकाओं के खिलाफ होने वाली घटनाओं को रोकने के लिए समाज में जागरूकता बढ़ाना बेहद जरूरी है। उन्होंने कहा कि बालिकाओं को उनके कानूनी अधिकारों, सुरक्षा उपायों और सरकारी सहायता सेवाओं की जानकारी दी जानी चाहिए।
उन्होंने कहा कि जागरूक और शिक्षित बालिका आगे चलकर आत्मनिर्भर और सशक्त महिला बनती है, जो परिवार और समाज दोनों को मजबूत करती है।
विशेष जागरूकता अभियान चलाएगा महिला आयोग
दीपिका शोरी ने कहा कि बालिकाओं को बचपन से ही शिक्षा के साथ कानूनी जानकारी और आत्मविश्वास देना आवश्यक है, ताकि वे अपने अधिकारों के प्रति सजग रहें और किसी भी गलत व्यवहार का मजबूती से विरोध कर सकें।
उन्होंने बताया कि आने वाले समय में छत्तीसगढ़ राज्य महिला आयोग महिलाओं और बालिकाओं को उनके अधिकारों, सुरक्षा कानूनों और सहायता योजनाओं की जानकारी देने के लिए विशेष जागरूकता अभियान चलाएगा। इससे महिलाओं को न्याय, संरक्षण और शासकीय सेवाओं का लाभ आसानी से मिल सकेगा।